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वन विभाग की पहल… विवि ग्राउंड पर तैयार हो रहा महाकाल संस्कृति वन…

12 हेक्टेयर परिसर में रोपे अलग-अलग प्रजाति के पौधे, आकर्षक और इनोवेशन पर काम बाकी

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। कोठी पैलेस स्थित प्रशासनिक भवन से देवास रोड को जोडऩे वाले फोरलेन के समीप सम्राट विक्रमादित्य विवि ग्राउंड पर वन विभाग द्वारा अनूठा वन तैयार किया जा रहा है। 12 हेक्टेयर के परिसर में वन विभाग ने पौधे रोपकर जंगल बनाया है जो आने वाले दिनों में घना हो जाएगा। यह प्रदेश का संभवत: ऐसा पहला वन होगा जो पर्यावरण के साथ धर्म व संस्कृति थीम पर तैयार किया गया है। इस वन में साइंस के स्टूडेंट रिसर्च भी कर सकेंगे। यहां करीब 3 सालों से काम चल रहा है। अब इसके आकर्षक बनाने के साथ इनोवेशन का काम बाकी है।

दरअसल, मैदान को वन क्षेत्र के रूप में तैयार करने का काम करीब-करीब पूरा हो चुका है। अब सिर्फ इसे आकर्षक बनाने के काम होना बाकी है जिसके पूरा होते ही इस आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। इस वन को इस तरह तैयार किया है कि उज्जैन आने वाले लोगों को यहां की संस्कृति से लेकर गौरव गाथा और इतिहास से लेकर धार्मिक महत्व के विषयों को देखने और समझने का अवसर मिलेगा। ऑपरेशन सिंदूर की याद ताजा रखने के लिए वन विभाग ने यहां सिंदूर वाटिका भी बनाई है।

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कई प्रजाति के पौधे रोपे
वन विभाग द्वारा तैयार वन में 156 प्रजाति के पौधे लगाए हैं। इसके लिए कालिदास वन, शांति वन, जैव विविधता वन, नवग्रह वाटिका, सिंदूर वाटिका, आयुष वाटिका, रुद्राक्ष वाटिका, चरक वाटिका जैसे नामों से अलग-अलग वाटिकाएं बनाई हैं। इनमें आयुर्वेद पौधों के साथ नीम, बरगद, करंज, बेल, पाम, चंदन, बादाम, कदम आदि के पौधे रोपे गए हैं।

अक्षरविश्व नॉलेज

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वेस्ट टू वंडर थीम पर अभी नईदिल्ली में ही वन: वेस्ट टू वंडर थीम पर अभी पूरे देश में एकमात्र वन नईदिल्ली में है। इसे नईदिल्ली महानगर पालिका निगम ने तैयार किया है। मध्यप्रदेश में उज्जैन के संस्कृति वन में कोशिश की जा रही है।

मुख्य गेट पर त्रिशूल की आकृति और स्वागत की प्रतिकृति
महाकाल संस्कृति वन के मुख्य को भी विशेष तौर पर डिजाइन किया गया है। भगवान महाकाल की महिमा को दर्शाने के लिए गेट के ऊपर बड़ा सा त्रिशूल खड़ा किया गया है। इसके अलावा दोनों ओर हाथ जोड़कर स्वागत करतीं स्त्रियों की प्रतिकृति भी है। वन क्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण की सांदीपनि आश्रम में सिखी 64 कला, योगा सेंटर के साथ ग्रीन शेड का निर्माण भी किया जाएगा।

वेस्ट टू वंडर रहेगा वन
संस्कृति वन को वेस्ट टू वंडर की तर्ज पर विकसित किया गया है। उज्जैन की गौरवशाली संस्कृति और ऐतिहासिकता को भी समेटने का प्रयास किया है। कोशिश है कि यहां आने सैलानी पेड़, पौधों के साथ ज्ञान का खजाना लेकर जाएं। मुख्यमंत्री जी ने वन की नींव रखी थी, कोशिश है कि लोकार्पण भी वहीं करें।
– अनुराग तिवारी, डीएफओ

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