पुलिस अधीक्षक की पहल: इधर के थाना प्रभारी ने की उधर की चैकिंग

रात में पुलिस ने चलाया चैकिंग अभियान: जिनका बीमा नहीं था, मौके पर ही उनके चालान भी बनाए गए
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। इस बार दीपावली के दूसरे दिन यानी सुहाग पड़वा की रात पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने नया प्रयोग किया। वाहनों की लगातार हो रही चोरी ने पुलिस की नाक में दम कर दिया था। बेतरतीब तरीके से वाहन चलाना। गति पर नियंत्रण नहीं रखना और पुलिस से उलझ लेना। इस प्रकार की शिकायतों का दौर चलने लगा था। ऐसे में पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारियों के कुछ देर के लिए प्रभार बदल दिए। माधवनगर थाना प्रभारी को देवासगेट थाना क्षेत्र दिया गया। देवासगेट थाना प्रभारी से फ्रीगंज क्षेत्र की चैकिंग करवाई गई।
देवासगेट पर पुलिस ने जबरदस्त अभियान चलाया। एक दर्जन से ज्यादा पुलिस कर्मचारी अपने प्रभारी के साथ चैकिंग अभियान में लगे हुए थे। यहां वाहन चालकों को रोक कर उनके दस्तावेज देखे जा रहे थे। जिन लोगों ने शराब पी रखी थी उन्हें चरक अस्पताल ले जाया गया। वहां अल्कोहल की जांच कराई गई। कई लोग ऐसे थे जो घर से दस्तावेज लेकर नहीं निकले थे। उनके वाहन देवासगेट थाने में खड़े करवा दिए गए। जिनका बीमा नहीं था उनके ५०० से लेकर १००० रुपए तक के चालान बनाए गए।
इधर-उधर से निकल गए सयाने लोग
पुलिस जब भी कड़ा अभियान चलाती तब अनजान लोग पुलिस की पकड़ में आ जाते हैं और सयाने लोग गलियों से निकल कर बच जाते हैं। शनिवार की रात भी यही हुआ। जो चामुंडा माता मंदिर से होकर माधव कॉलेज होते हुए देवासगेट जाना चाहते थे वे चालाकी से बाज नहीं आए। वे लोग पेट्रोल पंप और सिंधिया धर्मशाला होते हुए देवासगेट आ गए। कुछ लोग ऐसे भी थे जो प्रेम छाया की तरफ बढ़ गए। वे यहां से खेड़ापति हनुमान मंदिर होते हुए मालीपुरा पहुंच गए। इस तरह वे पुलिस कार्रवाई से बच गए। इसी प्रकार शहर के अन्य क्षेत्रों में भी पुलिस वाहनों को रोक अभियान चलाती रही। कंठाल चौराहे पर वाहन चालकों को रोका गया। फ्रीगंज क्षेत्र में भी वाहनों की जांच की गई। यहां भी गलियों की भरमार है। लिहाजा, निकलने वाले गलियों से निकल गए।
शहरी प्रेम काम आया लोगों के लिए
अपने में शहर के लोगों की आदत है। यदि कोई अभियान चलता है और किसी को पता चलता है तो वह अनजान लोगों को भी अलर्ट कर देता है। शनिवार की रात भी चालान भुगतने वाले और पुलिस को कार्रवाई करते देख इधर-उधर से निकलने वालों ने उधर से जाने वालों को अलर्ट कर दिया। बता दिया कि भिया, उधर मत जाना पुलिस पकड़ रही है। इतनी सूचना तो सामने वाले के लिए पर्याप्त है। जानकारी मिलते ही वाहन चालक वापस उधर चले गए जहां से आ रहे थे। आलम यह था कि गलियों में वाहन चालक एक-दूसरे से टकराते हुए देखे गए।









