IT सेल ने 2 लोगों के बैंक खाते से Online ट्रांसफऱ हुए रुपए को रिफंड करवाया, एक लोन भी स्टाप हुआ

ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से लाखों रुपए की धोखाधड़ी युवक से डाक्यूमेंट लेकर लोन निकालने का प्रयास
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में छोटी सी असावधानी से लाखों रुपए डूबने का खतरा बना रहता है। अनजाने में कई लोग गूगल सर्च से अपनी जरूरत के हिसाब से कांटेक्ट नंबर भी सर्ज करते हैं और फर्जी नंबरों पर जानकारी या डाक्यूमेंट उपलब्ध कराने के बाद फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं। ऐसी ही धोखाधड़ी की शिकायतों पर आईटी सेल ने तीन मामलों का निराकरण किया जिनमें दो लोगों के बैंक खाते से ट्रांसफर हुए रुपए रिफंड कराये गए, वहीं एक लोन को स्टॉप कराया गया।
दूसरे खाते में ट्रांसफर हो रही थी राशि
आकाश राय निवासी महिदपुर सिटी उज्जैन द्वारा आईटी सेल में शिकायत दर्ज करवाई गई कि उनके पिता व परिचित द्वारा अलग-अलग दिनांक को अलग-अलग राशि कुल 1,26,000 ऑनलाइन ट्रांसफर की थी जो मेरे बैंक खाते में नहीं आई। आईटी सेल द्वारा की गई शिकायत जांच में पाया कि आवेदक का मोबाइल नंबर उनके बंैक खाते में लिंक होने के साथ-साथ एक दूसरे जिले की बैंक की ब्रांच में भी लिंक था और उस अकाउंट होल्डर द्वारा उस मोबाइल नंबर को कई सालों पूर्व बंद कर दिया गया था जो वर्तमान में आवेदक के द्वारा उपयोग किया जा रहा है।
जिससे आवेदक के फोन-पे नंबर पर किए गए ऑनलाइन ट्रांसफर आवेदक के खाते में न जाकर दूसरे जिले की बैंक की ब्रांच में हो रहे थे। आवेदक द्वारा इस संबंध में तत्काल सायबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कर उक्त दूसरे जिले के खाते को फ्रिज करवाकर आईटी सेल में शिकायत दर्ज करवाई गई। जिसमें आईटी सेल द्वारा बैंक अधिकारियों की सहायता से होल्ड राशि 1,26,000/- को पुन: आवेदक के खाते में रिफंड करवाया गया।
गुम मोबाइल से 90 हजार रु. ऑनलाइन ट्रांसफर हुए
आशीष पाटीदार निवासी देवास जो कि उज्जैन में एक अस्पताल में अपने परिचित भर्ती मरीज से मिलने आए थे। जहां उनका मोबाइल गिर गया और उनके बंैक खाते से लिंक फोन-पे नंबर के माध्यम से 90,000/- रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर होने संबंधी शिकायत आईटी सेल में दर्ज करवाई गई थी। आईटी सेल द्वारा की गई शिकायत जांच में उक्त राशि अस्पताल के सामने स्थित मेडिकल दुकान पर ट्रांसफर होना पाई। आवेदक द्वारा अपनी शिकायत पर कोई वैधानिक कार्यवाही न चाहने की वजह से शिकायत जांच में आए तथ्यों से आवेदक को अवगत कराया गया। जिससे आवेदक द्वारा स्वयं मेडिकल संचालक से संपर्क कर उसके द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजन से संपर्क कर 90,000/- राशि को वापस अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवाया गया और मोबाइल प्राप्त किया गया।
ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में रखें सावधानी
1. यदि आपके साथ किसी भी प्रकार का वित्तीय/सायबर धोखाधड़ी होती है तो तत्काल सायबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर काल कर शिकायत दर्ज करें या सायबर हेल्पलाइन पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करावें।
2. अपने मोबाइल से ऑनलाइन ट्रांसफर करते समय छोटा अमाउंट ट्रांसफऱ कर कन्फर्म होने के बाद ही पूरा अमाउंट ट्रांसफर करें।
3. मोबाइल गुम होने या चोरी होने की दशा में तत्काल दूसरे मोबाइल या कम्प्यूटर सिस्टम पर जाकर अपने सोशल अकाउट का पासवर्ड चेंज करें और गूगल-पे/फोन-पे/पेटीएम वालेट को ब्लाक करवाएं तथा नेट बंैकिंग से संबंधित एप्लीकेशऩ की लॉग इन आईडी और पासवर्ड चेंज करें।
4. अनजान कॉलर की बातों पर विश्वास करके बैंक खाते/एटीएम/ क्रेडिट कार्ड की जानकारी शेयर नहीं करें।
5. अनजान कॉलर की बातों पर विश्वास करके मोबाइल पर आए हुए ओटीपी शेयर ना करें।
6. सोशल अकाउंट तथा नेट बैंकिंग से संबंधित या मोबाइल के स्क्रीन लॉक का पासवर्ड अपना मोबाइल नंबर ना रखें।
आधार, पेन और दूसरे कागजात दिये तो फ्रॉड ने कंपनी से लोन क्रियेट करवा लिया
हकीमउद्दीन जौहर निवासी उज्जैन शहर जिन्होंने एडवांस सर्टिफिकेट ऑन इनवेस्टमेंट बैंकिग का कोर्स करने के लिए सोशल अकाउंट पर सर्च कर दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क कर उसके बताए अनुसार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर बैंक से संबंधित दस्तावेज और आधार कार्ड/पेन कार्ड की जानकारी दे दी। जिससे फ्राडस्टर द्वारा उसका बजाज फायनेंस से 52,500/- रुपए का लोन भी क्रियेट करवाने संबंधी शिकायत दर्ज करवाई गई थी। आईटी सेल द्वारा की गई शिकायत जांच में बजाज फायनेंस के अधिकारियों से बात कर लोन अमाउंट रिवर्स करवाकर आवेदक के पिता के नाम से हुए लोन को कैंसिंल करवाया गया।









