दो साल में बनकर तैयार होगा आईटी पार्क

46 करोड़ रुपए में बनेगा आठ मंजिला भवन, निविदा जारी
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उज्जैन। शहर में आईटी पार्क के निर्माण की तैयारियां तेज हो गई हैं। मप्र औद्योगिक विकास निगम ने इसके लिए टेंडर जारी कर दिया है। संभावना है कि दिसंबर में निर्माण एजेंसी तय कर ली जाएगी जिसके बाद वर्ष २०२७ में शहर का पहला आईटी पार्क तैयार हो जाएगा। इस आठ मंजिला भवन पर 46 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
आईटी पार्क के लिए शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में २.१६ हेक्टेयर जमीन आवंटित हुई है। इसके बनने के बाद रोजगार के नए द्वार खुलेंगे और जो युवा जॉब्स के लिए दूसरे शहरों को रुख करते थे उन्हें अपने ही शहर में रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। वहीं आर्थिक गतिविधियों में भी विविधता आएगी। प्रदेश में फिलहाल दो आईटी इंदौर में हैं। इंदौर के क्रिस्टल आईटी पार्क को आईटी सेज (विशेष आर्थिक क्षेत्र) का दर्जा प्राप्त है। जहां से २०१२ में आईटी निर्यात की प्रक्रिया शुरू हुई थी।
उच्च तकनीक कंपनियों को आकर्षित करना उद्देश्य
आईटी मतलब प्रौद्योगिकी पार्क एक नियोजित विकास है जो आवासीय एवं खुदरा भवनों के साथ शीर्ष स्तरीय कार्यालय स्थान प्रदान करता है। इसके निर्माण का उद्देश्य सूचना प्रौद्योगिकी और सॉफ्टवेयर विकास जैसी उच्च तकनीक कंपनियों को आकर्षित करना है। ताकि वे एक साथ मिल सकें और बड़े पैमाने की अर्थव्यवस्था से लाभ उठा सकें। इससे रोजगार के अवसर तो बढ़ते ही हैं, शहर तेजी से विकास भी करता है।
2 हजार जॉब्स जनरेट होंगे
बैंंगलुरु, हैदराबाद, पुणे जैसी आईटी सिटीज संतृप्त हो चुकी हैं और उज्जैन का पारिस्थितिकी तंत्र अब उत्तम है। शुरुआती चरण में 70 करोड़ रुपए के निवेश की उम्मीद हैं जिससे 2 हजार जॉब्स जनरेट होंगी। सॉफ्टवेयर इकाइयां, बिजनेस प्रोसेसिंग आउटसोर्स, एआई, कॉल सेंटर आदि स्थापित करने में कई कंपनियों की रुचि है।









