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चरक अस्पताल में नहीं बन पाया जेल वार्ड

बंदियों को उपचार के लिए भेजना पड़ रहा इंदौर

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अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। जिला चिकित्सालय परिसर के भवनों को तोड़कर मेडिसिटी मेडिकल कॉलेज निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन परिसर में संचालित होने वाले वार्ड व अन्य विभाग चरक अथवा माधव नगर अस्पताल में शिफ्ट नहीं हो पाए हैं।

वर्तमान में जिला चिकित्सालय परिसर में जेल वार्ड, पीएम रूम, सिटी स्कैन विभाग संचालित हो रहे हैं। जीर्ण शीर्ण जेल वार्ड को अब तक चरक अस्पताल में शिफ्ट नहीं किया गया है। सिविल सर्जन डॉ. अजय दिवाकर का कहना है कि जेल वार्ड बनकर तैयार हो चुका है। इसका जेल अधीक्षक को निरीक्षण भी कराया गया है।

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इसलिए इंदौर भेज रहे बंदी

चरक अस्पताल में जो जेल वार्ड बनाया गया है। उसमें बंदियों को रखने संबंधी निर्देशों का पालन नहीं हुआ है। वार्ड में सीसीटीवी कैमरे, ग्रील आदि का काम बाकि है। ऐसे में किसी बंदी को जेल वार्ड में भर्ती कर उपचार कराना खतरे से खाली नहीं। यही कारण है कि केन्द्रीय जेल भैरूगढ़ में निरूद्ध बंदियों का उपचार एमवायएच इंदौर में कराया जा रहा है।

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घायल को भेजा वापस

रितेश पिता विजय 20 वर्ष केन्द्रीय जेल भैरवगढ़ में बंदी है। वह जेल में गिरकर घायल हो गया था। सिर में गंभीर चोंट लगने पर उसे पहले चरक अस्पताल भेजा गया। यहां वार्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण एमवायएच इंदौर रैफर किया। रात में चेकअप के लिए उसे पुन: चरक अस्पताल लाया गया तो डॉक्टर ने उसे भर्ती करने से इंकार कर दिया।

सीएमएचओ को पत्र लिख चुके

जेल अधीक्षक मनोह साहू ने बताया कि जिला अस्पताल का जेल वार्ड पूरी तरह जीर्णशीर्ण हो चुका है। अब वहां ठेकेदार द्वारा भवन तोड़ने का काम किया जा रहा है। ऐसे में बंदियों को वहां रखकर उपचार नहीं करा सकते। चरक अस्पताल में नियमानुसार जेल वार्ड तैयार कराने के लिए सीएमएचओ को पत्र लिख चुके हैं। 15 दिन पहले भी सिविल सर्जन को रिमाइंड किया था लेकिन अब तक चरक अस्पताल में जेल वार्ड की व्यवस्था नहीं हो पाई है। हालत यह है कि बंदियों को उपचार के लिए इंदौर भेजना पड़ रहा है।

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