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रामघाट से निकली कलश यात्रा, शाम को प्राचीन सिक्कों की प्रदर्शनी और संस्कृत ऑर्केस्ट्रा

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। 67 वें कालिदास समारोह के पूर्वरंग कार्यक्रम के तहत शुक्रवार सुबह रामघाट पर पूजन के साथ कलश यात्रा निकली। कालिदास अकादमी के निदेशक गोविंद गंधे ने अतिथियों के साथ रामघाट पर विधि विधान से कलश पूजन किया। इसके बाद रामघाट से कलश यात्रा प्रारंभ हुई। जिसका शहर में जगह-जगह स्टेज बनाकर सामाजिक संगठनों ने स्वागत किया।

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मंगल कलश यात्रा अकादमी परिसर पर समाप्त हुई। यात्रा में विद्वतजन, संत जन, प्रतिनिधि सहित कई समाजसेवी व जनमानष ने भागीदारी की। शुक्रवार शाम 5 बजे कालिदास अकादमी में प्राचीन सिक्कों की प्रदर्शनी एवं पुरस्कृत चित्र प्रदर्शनी लगाई जाएगी। संभाग आयुक्त आशीष सिंह, डीआईजी नवनीन भसीन, पतंजली संस्कृत संस्थान भोपाल के पूर्व अध्यक्ष भरत बैरागी आदि शामिल होंगे। शाम 6.30 बजे ‘नान्दी’ के अन्तर्गत 1100 छात्र-छात्राओं द्वारा मंगलाचरण एवं डॉ. कल्पना आठल्ये के निर्देशन में गोगटे जोगलेकर महाविद्यालय रत्नागिरी (महाराष्ट्र) के छात्रों द्वारा संस्कृत आर्केस्ट्रा पेश किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलेक्टर रौशन कुमार सिंह एवं विशिष्ट अतिथि एसपी प्रदीप शर्मा रहेंगे।

संस्थापक को ही भूले आयोजक: कालिदास समारोह के संस्थापक पंडित सूर्यनारायण व्यास को ही आयोजक भूल गए। कलश यात्रा के दौरान महाकाल क्षेत्र स्थित भारती भवन में सूर्यनारायण व्यास की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाता है, लेकिन इस बार की यात्रा के आयोजक यहां नहीं गए। व्यास के परिजन पुष्पमाला और सामग्री लेकर इंतजार करते रहे। गौरतलब है कि 1958 से कालिदास समारोह की शुरुआत पंडित सूर्यनारायण व्यास ने की थी।

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दैनिक जीवनोपयोगी शब्दावली प्रकाशन संस्कृत प्रदर्शनी शुरू
कालिदास अकादमी में दैनिक जीवनोपयोगी विज्ञान, कृषि, ज्योतिष इत्यादि विषयों को केन्द्र में रखकर संस्कृत भारती मालवा प्रान्त द्वारा प्रदर्शनी लगाई गयी है। मुख्य अतिथ श्रीपाद जोशी ने अपने उद्बोधन में कहा की दैनिक जीवन में उपयोग में आने वाली सामग्रियों का संस्कृत में कैसे उच्चारण किया जाये इसकी सुन्दर प्रदर्शनी सभी को देखना चाहिए।

कल से प्रारंभ होगा कालिदास समारोह, 7 तक चलेगा
अभा कालिदास समारोह का शुभारंभ 1 नवंबर को होगा और 7 नवंबर तक आयोजन चलेगा। इस दौरान परिसर में प्रतिदिन दोपहर में बौद्धिक और शाम 6.30 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। एक नवंबर को केरल राज्य के कालिकट की सूर्या गायत्री द्वारा सुगम एवं भक्ति संगीत का कार्यक्रम आयोजित होगा।

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