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कालभैरव मंदिर का प्रोजेक्ट स्मार्ट सिटी से छीना, अब यूडीए के हाथ

मंगलनाथ मंदिर के लिए खुले दो टेंडर जल्द होगा ठेका

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यूडीए के अधीक्षण यंत्री भी अब सिर्फ प्राधिकरण में फुल फ्लैश करेंगे काम

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिंहस्थ से पहले कालभैरव और मंगलनाथ मंदिर विकास के प्रोजेक्ट आगे बढ़ गए हैं। कालभैरव मंदिर का प्रोजेक्ट अब स्मार्ट सिटी से वापस लेकर उज्जैन विकास प्राधिकरण को सौंपने का निर्णय ले लिया गया है। जबकि मंगलनाथ मंदिर के दूसरे चरण का काम शुरू करने के लिए ठेका देने की तैयारी हो गई है। इसके दो टेंडर खुल गए हैं। एजेंसी के साथ एग्रीमेंट के बाद काम शुरू हो सकेगा। अभी मंगलनाथ के शिखर का काम अधर में पड़ा है।

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दुनिया भर में प्रसिद्ध काल भैरव मंदिर के विकास के लिए प्रशासन ने 50 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट तैयार किया है। अब तक यह काम स्मार्ट सिटी द्वारा किया जा रहा था। सरकार ने इसे स्मार्ट सिटी से लेकर यूडीए को देने का निर्णय ले लिया है। इससे मंदिर प्रोजेक्ट का काम जल्द शुरू होने की उम्मीद बढ़ी है। सूत्रों के अनुसार इस निर्णय पर अंतिम मुहर लगने के बाद धर्मस्व विभाग को औपचारिक स्वीकृति के लिए भेज दिया है। यह विभाग अब उज्जैन में ही संचालित हो रहा है। इसके निदेशक संभागायुक्त संजय गुप्ता हैं। इस कारण औपचारिक स्वीकृति जल्द मिलने की संभावना है।

अधीक्षण यंत्री को भी यूडीए के लिए किया रिलीव
यूडीए के अधीक्षण यंत्री नीरज पांडे अब तक स्मार्ट सिटी के अधीक्षण यंत्री का भी काम सम्भाल रहे थे। शासन ने एक आदेश जारी कर स्मार्ट सिटी के दायित्व से मुक्त कर दिया है। अब वे केवल प्राधिकरण में ही अधीक्षण यंत्री का काम संभालेंगे।

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मंगलनाथ मंदिर प्रोजेक्ट के लिए दो टेंडर आए
मंगलनाथ मंदिर के शिखर का अधूरा काम पूरा करने के साथ दूसरे चरण के काम करने के लिए टेंडर जारी किया गया था। इसके लिए दो कंपनियों ने टेंडर डाले हैं। टेक्निकल बीड खुलने के बाद फाइनेंशियल बीड खुलने के बाद एजेंसी तय की जाएगी।

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