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सिंहस्थ में अधिग्रहित जमीन अब तक नहीं लौटाई, हाईकोर्ट ने ट्रस्ट के पक्ष में दिया फैसला

जमीन का कब्जा तत्काल सौंपने के आदेश

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिंहस्थ 2016 में उज्जैन जिला प्रशासन ने मंगलनाथ रोड स्थित न्याय प्रधान श्री आचार्य महाप्रभुजी की बैठक ट्रस्ट की जमीन अस्थायी रूप से अधिग्रहित की थी लेकिन उसे लौटाना भूल गया।

ट्रस्ट ने जमीन लौटाने के लिए आवेदन दिया लेकिन जब लंबा समय बीता गया तो ट्रस्ट ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। इस पर हाईकोर्ट ने ट्रस्ट के पक्ष में फैसला देते हुए जमीन का कब्जा तत्काल सौंपने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, जिला प्रशासन ने १ अप्रैल 2015 से 30 जून 2016 तक की अवधि के लिए जमीन को सिंहस्थ में उपयोग के लिए लिया था।

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सिंहस्थ बीतने के बाद ट्रस्ट ने जमीन लौटाने के लिए आवेदन किया तो प्रशासन ने कोई निर्णय नहीं लिया। अंत में 2019 में प्रशासन के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई जिस पर जस्टिस एसए धर्माधिकारी की खंडपीठ ने सुनवाई के बाद ट्रस्ट के पक्ष में फैसला सुनाया। ट्रस्ट को अपनी ही जमीन हासिल करने के लिए ८ साल लड़ाई लडऩी पड़ी।

15 माह के लिए किया था अनुबंध

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जिला प्रशासन ने जमीन के संबंध में १५ माह का लिखित अनुबंध किया था। याचिका दायर होने के बाद हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया था लेकिन उस वक्त जिला प्रशासन ने कोई जवाब नहीं दिया। सुनवाई के दौरान जवाब देने के लिए फिर से वक्त मांगा गया लेकिन इस बार हाईकोर्ट ने जवाब देने का अवसर खत्म करते हुए फैसला जारी रखा और जमीन को तत्काल मुक्त करने के आदेश दिए। इस संबंध में जब ट्रस्टी विट्ठल नागर से चर्चा करनी चाही तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ का संदेश देता रहा।

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