मां और बहन ने बात कर मनाया तब वृंदावन से घर लौटा लॉ स्टूडेंट

सुसाइड की धमकी के चलते पुलिस ने लिया था परिवार का सहारा

उज्जैन। बिना बताए घर छोडक़र जाने वाला लॉ स्टूडेंट रविवार को वृंदावन से सुरक्षित घर लौट आया। उसके घर पहुंचते ही परिवार में खुशियां भी लौट आईं। वह ऑनलाइन गेम में रुपए हारने और कर्ज के दबाव से परेशान होकर घर से चला गया था जिसे चिमनगंज पुलिस ने परिवार की सहायता से ढूंढ निकालकर परिजनों के सुपुर्द किया।
दरअसल, कानीपुरा रोड स्थित तिरुपतिधाम एक्सटेंशन निवासी 26 वर्षीय लॉ स्टूडेंट हर्ष उर्फ राज पिता जगदीश परिहार 4 अगस्त सुबह 6.30 बजे बिना बताए और बिना मोबाइल लिए घर छोडक़र चला गया था। उसने एक लेटर भी छोड़ा था। बेटे के लापता होने के बाद उसके पिता और आगर रोड स्थित डिसेंट कार बाजार के संचालक जगदीश परिहार ने वीडियो वायरल किया था जिसमें उसकी जानकारी देने की गुहार लगाई थी। साथ ही चिमनगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। परिजनों ने बताया था कि वह ऑनलाइन गेम खेलने का आदी था जिसके चलते उसने अपनी बुलेट गिरवी रख दी थी। गेम में पैसे हारने के कारण उस पर कर्ज हो गया था।
ऐसे चला पता
टीआई गजेंद्र पचौरिया के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। घर पर मिले हर्ष के मोबाइल डिवाइस की जांच करने परटीम को नया मोबाइल नंबर मिला। उसके जीमेल अकाउंट की गतिविधियों से आधार कार्ड से एटीएम ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली। संबंधित बैंकों से निकासी की डिटेल लेकर ट्रांजेक्शन लोकेशन व समय का पता लगाया गया। इसी बीच साइबर सेल की मदद से हर्ष का नया मोबाइल नंबर और वर्तमान लोकेशन ट्रेस की गई तो पता चला कि वह दिल्ली और मथुरा में घूम रहा है। टीआई पचोरिया ने बताया हर्ष ने घर पर छोड़े लेटर में लिखा था कि अगर पुलिस ने उसे ढूंढा तो वह सुसाइड कर लेगा। ऐसे में परिवार की मदद ली। उसकी मां व बहन ने हर्ष से बात कर उसे घर आने के लिए मनाया जिसके बाद रविवार सुबह वह घर पहुंचा।









