ब्लैकमेल कर ज्यादती करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास

उज्जैन। विशेष न्यायालय के न्यायाधीश प्रतापसिंह चौहान ने दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के एक गंभीर मामले में फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपी बबलेश पिता मांगीलाल केवट, निवासी खोप दरवाजा बडऩगर को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। घटना बडऩगर की है।
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आरोपी बबलेश ने तीन बच्चों की मां (पीडि़ता) को अपने घर यह कहकर बुलाया था कि वह उसके बेटे के लिए एक अच्छा रिश्ता (लडक़ी) बताएगा। जब महिला फोटो देखने उसके घर पहुंची, तो आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया और मोबाइल से अश्लील वीडियो बना लिया।
आरोपी ने उक्त वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर महिला के साथ दो से तीन बार गलत काम किया। जब पीडि़ता ने उसके पास जाने से मना किया, तो आरोपी ने उसके बच्चों को जान से मारने की धमकी दी और फोटो-वीडियो परिवार के सदस्यों को भेजना शुरू कर दिया। प्रताडऩा से तंग आकर पीडि़ता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
विशेष न्यायाधीश ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को एससी/एसटी अधिनियम की धारा 3 (2) (5) में आजीवन कारावास, धारा 376 (2) (एन) में 10 वर्ष का सश्रम कारावास और धारा 66ई (आईटी एक्ट) में 2 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। कुल 13 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है। प्रकरण में अनुसंधान के दौरान प्रभारी उपनिदेशक अभियोजन राजेन्द्र कुमार खाण्डेगर ने साक्ष्य संकलन में मार्गदर्शन प्रदान किया। न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक ईश्वरसिंह केलकर द्वारा की गई।









