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वर्ष 2026 में सीमित मांगलिक अवसर 12 महीनों में विवाह के केवल 33 मुहूर्त

मुहूर्त कम होने के प्रमुख ज्योतिषीय कारण

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अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। नया साल 2026 मांगलिक कार्यों के लिहाज से मिला-जुला रहेगा। इस साल मांगलिक कार्यों के अवसर सीमित रहेंगे। ज्योतिष गणना के अनुसार, इस वर्ष विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ कार्यों के लिए मुहूर्त काफी सीमित हैं। साल के 10 महीनों में जहां वाहन खरीदी के 58 और प्रॉपर्टी के 78 मुहूर्त हैं, वहीं विवाह के लिए केवल 33 शुद्ध दिन ही उपलब्ध होंगे।

 

ज्योतिषी पं. विजय शर्मा के अनुसार, 15 दिसंबर 2025 से 2 फरवरी 2026 तक शुक्र का तारा अस्त रहेगा। वहीं 16 जुलाई से 8 अगस्त तक गुरु का तारा अस्त रहने से विवाह वर्जित रहेंगे।

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इसके अलावा 14 मार्च से 14 अप्रैल तक मीन मास और 17 मई से 15 जून तक ज्येष्ठ अधिक मास होने से शहनाइयां नहीं बज सकेंगी। 25 जुलाई से 20 नवंबर तक हरिशयन काल (देवशयन) होने से चार महीने विवाहों पर पूर्ण विराम रहेगा। अधिक मास के कारण जून के बाद आने वाले सभी त्योहार पिछले साल की तुलना में 15-20 दिन देरी से आएंगे।

विवाह के शुभ मुहूर्त

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फरवरी- 4, 5, 10, 13, 20, 21

मार्च- 9, 10, 11,

अप्रैल- 20, 21, 26

मई- 5, 6, 7, 8

जून- 19, 20, 23, 26, 27, 28

जुलाई- 6, 7

नवंबर- 21, 24, 25, 26

दिसंबर- 2, 3, 11, 12

गृह प्रवेश के मुहूर्त

फरवरी- 6, 7, 11, 20

अप्रैल- 20, 24

मई- 8, 14

जून- 24, 27

नवंबर- 25, 26

दिसंबर- 3, 4, 5, 12

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