नगर निगम द्वारा निर्मित दुकानों में ही खुलेंगी शराब की दुकानें

सरकार ने किए आबकारी नीति में नए प्रावधान
अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन नई आबकारी नीति में राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रावधान के बाद अब नगर निगम या नगरीय निकाय द्वारा निर्मित दुकानों में ही शराब दुकानें खोली जाएगी। यह अनिवार्यता अगले वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए की गई है। इसके अलावा मप्र में महुआ से निर्मित हेरीटेज शराब पर अब वैट के भुगतान से 31 मार्च 2030 तक छूट रहेगी। इसके लिए आबकारी कार्यालय ने सभी जिला कलेक्टरों को सूचना जारी कर दी है।
राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर हेरिटेज शराब पर आबकारी ड्यूटी और निर्यात शुल्क से सात वर्ष तक यानी 22 फरवरी 2030 तक छूट प्रदान की थी और वैट से छूट सिर्फ एक वर्ष के लिए दी थी। लेकिन अब वैट की छूट भी सात वर्ष तक कर दी गई है। राज्य सरकार ने अंगूर से बनी वाइन के अलावा अन्य फलों तथा शहद से बनी वाइन को भी आबकारी शुल्क के भुगतान से छूट प्रदान की है। यह निर्णय किसानों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से लिया गया है ताकि फलों के उद्यान विस्तार एवं फल प्रसंस्करण को बढ़ावा मिल सके।
50 हजार में मिलेगा होम बार लाइसेंस
वित्तीय वर्ष 2024- 25 में होम बार लाइसेंस 50 हजार रु. सालाना लाइसेंस फीस पर उन्हीं व्यक्तियों को मिलेगा जिनकी गत वर्ष सकल व्यक्तिगत आय १ करोड़ रुपए या इससे अधिक रही हो। वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर एवं ग्वालियर एयरपोर्ट के अलावा अब अन्य व्यावसायिक उड़ानें संचालित करने वाले एयरपोर्ट पर भी विदेशी शराब के विक्रय के काउंटर खोलने जाएंगे।









