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बैंकों में लटक रहे ताले, कर्मचारी हड़ताल पर

चौथे दिन भी बंद, चेक क्लीयरेंस और एटीएम सेवाओं पर असर

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। 5-डे वीक (सप्ताह में पांच दिन काम) की मांग को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर शहर के बैंक कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर रहे। बैंकों में ताले लटके रहे। यह हड़ताल प्रदेश व्यापी है और दावा किया गया है कि प्रदेश के करीब 40 हजार बैंक अधिकारी-कर्मचारी एकसाथ हड़ताल पर हैं। चेक क्लीयरेंस, कैश डिपॉजिट और अन्य बैंकिंग सेवाएं बाधित रही। बैंकों के बंद रहने से एटीएम में भी नकदी की किल्लत रही, कई एटीएम में रुपए नहीं होने के कारण बंद रहे। इससे आम जनता को काफी नुकसान हुआ है।

सुबह नानाखेड़ा पर प्रदर्शन: बैंक कर्मचारियों ने नानाखेड़ा क्षेत्र में ट्रेजर बाजार के सामने स्थित एसबीआई शाखा के बाहर मंगलवार को नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। बैंकों में कामकाज बंद रखकर शटर पर अपनी मांगों की सूची चस्पा की।

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290 ब्रांच में काम बंद
हड़ताल में सरकारी क्षेत्र के सभी 12 बड़े बैंक शामिल हैं, जिनमें मुख्य रूप से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी), बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक शामिल हैं। यूनियन पदाधिकारियों के मुताबिक, निजी क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारी भी इस आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं, जिससे प्राइवेट बैंकिंग सेवाओं पर भी असर दिखना तय है।

क्या चाहते हैं बैंक कर्मचारी
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस मध्यप्रदेश के को-ऑर्डिनेटर वीके शर्मा के मुताबिक बैंककर्मी लंबे समय से सभी शनिवारों को अवकाश घोषित करने की मांग कर रहे हैं। वर्तमान में केवल दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी रहती है। साल 2023 में आईबीए और यूनियंस के बीच यह सहमति बनी थी कि रोजाना कार्य के घंटे 40 मिनट बढ़ा दिए जाएं और बदले में सभी शनिवारों को अवकाश दिया जाए। यह प्रस्ताव पिछले दो साल से केंद्र सरकार के पास लंबित है। सरकार से मंजूरी न मिलने के कारण कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।

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