Advertisement

मंत्रोच्चार के बीच 2100 लीटर दूध से मां गजलक्ष्मी का किया अभिषेक

हाथी अष्टमी पर मंदिर में उमड़े श्रद्धालु, मां के दर्शन पाकर अभिभूत

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe

Advertisement

शरद पक्ष की अष्टमी तिथि महालक्ष्मी पूजन के लिए विशेष

अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। नईपेठ स्थित अतिप्राचीन श्री गजलक्ष्मी मंदिर में मंगलवार को हाथी अष्टमी (महालक्ष्मी अष्टमी) धूमधाम से मनाई गई। सुबह 9 बजे से मंत्रोच्चार के साथ मां लक्ष्मी का 2100 लीटर दूध से अभिषेक किया गया। बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी अपने हाथों से मां का दुग्धाभिषेक किया। इसके बाद सोलह शृंगार कर महाआरती की गई। शाम ६ से रात 9 बजे तक भजन संध्या होगी।

Advertisement

इसके पश्चात महाआरती कर खीर का वितरण किया जाएगा। पुजारी अनिमेष शर्मा ने बताया शरद पक्ष की अष्टमी तिथि महालक्ष्मी पूजन के लिए विशेष है। हर वर्ष महिलाएं पुत्र प्राप्ति, व्यापार, सौभाग्य के साथ स्थिर लक्ष्मी की कामना के लिए 16 दिवसीय व्रत करती है जो राधा अष्टमी से शुरू होकर हाथी अष्टमी पर पूर्ण होता है। यह व्रत पांडवकालीन है। पांडवों के अज्ञातवास के समय माता कुंती ने यह व्रत किया था।

2  हजार साल पुरानी प्रतिमा

Advertisement

मां गजलक्ष्मी की करीब  5 फीट ऊंची यह दुर्लभ प्रतिमा ऐरावत हाथी पर सवार होकर पद्मासन मुद्रा में है। प्रतिमा करीब २ हजार साल पुरानी और स्फटिक से बनी है। इसे सम्राट विक्रमादित्य के समय का बताया जाता है।

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें