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‘शिप्रा में डुबकी से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विपक्ष को संदेश’

अचानक दत्त अखाड़ा घाट पहुंचे और पूजन के बाद उतर गए पानी में कुछ देर तैराकी की…

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अक्षरविश्व न्यूज . उज्जैन:प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव गुरुवार को उज्जैन आने के तत्काल बाद दत्त अखाड़ा घाट पहुंचे, शिप्रा का पूजन किया और डुबकी लगाने के बाद कुछ समय के लिए तैराकी भी की। सीएम के इस अन्दाज को कई लोग समझ ही नहीं पाए है,लेकिन उनके इस कदम ने एक संदेश दिया है कि शिप्रा और इसका जल स्वच्छ है। इसे मुद्दा बनाने की कोशिश करने वाले नासमझ है।

 

सीएम डॉ. यादव की उज्जैन यात्रा में शिप्रा के पूजन का कोई कार्यक्रम नहीं था। सीएम को उज्जैन पहुंचकर भाजपा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होना था। सीएम ने उज्जैन पहुंचे ही दत्त अखाड़ा घाट जाने की मंशा जाहिर की। इसके बाद ताबड़तोड व्यवस्थाएं जुटाने के निर्देश जारी हुए। सीएम ने दत्त अखाड़ा घाट से शिप्रा का पूजन किया।

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इस दौरान विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, भाजपा नेता संजय अग्रवाल और रवि सोलंकी उनके साथ थे। दत्त अखाड़ा पर आयोजित कार्यक्रम के बाद सीएम ने पार्टी के कार्यक्रमों में शिरकत की।

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मुद्दे की हवा निकाली…..!

सीएम के अचानक दत्त अखाड़ा घाट पर जाने शिप्रा पूजन और फिर नदी में स्नान करने को लेकर अनेक अनुमान/कयास के बीच एक बात तो स्पष्ट मानी जा रही है कि सीएम ने शिप्रा को चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश को फेल कर दिया है। सीएम ने शिप्रा में एक ‘डूबकी’ से साफ संदेश दिया है कि नदी स्वच्छ है।

बता दें कि कुछ दिनों पहले शिप्रा में प्रदूषित पानी मिलने पर लोकसभा चुनाव कांग्रेस के उम्मीदवार महेश परमार ने रामघाट पर विरोध जताया था। गंदे पानी में स्नान किया था। इसक बाद त्रिवेणी पर कान्ह के पानी को रोकने के लिए बने मिट्टी के डेम के टूटने और गंदा पानी शिप्रा में मिलने पर नाराजगी व्यक्त की थी।

 

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