Wednesday, February 1, 2023
Homeउज्जैन समाचारआज से 'महाकाल लोक' लोकार्पण समारोह की शुरुआत

आज से ‘महाकाल लोक’ लोकार्पण समारोह की शुरुआत

मुख्यमंत्री होंगे शामिल, पुणे की ढोल पार्टी होंगी आकर्षण का केंद्र

पहली बार दशहरा पर्व पर बाबा महाकाल की सवारी शाही स्वरूप में

उज्जैन। पहली बार दशहरा पर्व पर निकलने वाली बाबा महाकाल की सवारी शाही स्वरूप में निकाली जा रही हैं। इसे भव्य रूप दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान भी शामिल होंगे।

बाबा की सवारी वर्ष में एक बार विजयादशमी पर नए शहर फ्रीगंज में आती हैं। जगह-जगह स्वागत मंच बनाए जा रहे हैं, जहां से पालकी पर पुष्पवर्षा की जाएगी। आज से ही महाकाल लोक लोकार्पण समारोह की शुरुआत हो रही है।

6 से 11अक्टूबर लोकार्पण समारोह के दौरान शहर में विविध आयोजन होंगे। आज विजयादशमी पर शाही ठाट बाट से बाबा महाकाल की सवारी शाम 4 बजे मंदिर से निकलेगी।

सभामंडप में पूजन के बाद गुदरी चौराहा, पटनी बाजार, गोपाल मंदिर, सराफा, सतीगेट, नई सड़क, दौलतगंज, मालीपुरा,देवास गेट, चामुंडा चौराहा से टावर के रास्ते पुराने कलेक्टर बंगले के सामने से होती हुई दशहरा मैदान पहुंचेगी। यहां शमी वृक्ष का पूजन कलेक्टर आशीषसिंह व पुलिस अधीक्षक सत्येंद्रकुमार शुक्ला द्वारा किया जाएगा।

शमी वृक्ष पूजन का विशेष महत्व

विजयादशमी के दिन सर्वसिद्धि योग होकर शमी वृक्ष पूजन से समस्त पुण्य प्राप्ति व कष्ट निवारण होता है। बताया जाता है कि पांडवों के वनवास होने पर उन्होंने समस्त अस्त्र-शस्त्र शमी के वृक्ष को सौंप दिए थे। बाद में पूजन पश्चात पुन: प्राप्त किए थे।

सवारी में ये रहेंगे शामिल
श्री महाकाल लोक अर्पण के परिप्रेक्ष्य में बाबा महाकाल की सवारी को पूर्ण वैभव व विस्तृत रूप दिया जा रहा है। सवारी में घुड़सवार दल, पुलिस बैंड, हाथी आदि के साथ ही भजन मंडलियां, झांझ-मंजीरे, महाकाल-लोक की अद्भुत झांकी, मुंबई और पुणे की ढोल पार्टी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। मार्गों पर रंगोली, पुष्प सज्जा, स्वागत मंच बनाये जा रहे हैं।

दोपहर 3:15 बजे आएंगे सीएम

दशहरा पर्व पर निकलने वाली बाबा महाकाल की सवारी में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान आज आएंगे। दोपहर 3:15 बजे देवास रोड हेलीपेड पहुंचेंगे। इसके बाद बाबा महाकाल की सवारी में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री शाम 7 बजे इंदौर के लिए रवाना होंगे।

सुबह शिखर पर चढ़ाया ध्वज

आज प्रात: 7.30 बजे ध्वज पूजन कर श्री महाकालेश्वर मंदिर के शिखर परपरंपरागत नया ध्वज चढ़ाया गया। दशहरे के दिन मंदिर के शिखर पर परंपरागत नया ध्वज चढ़ाने की परंपरा रही हैं।

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