महाकाल महोत्सव 10 से 14 जनवरी तक

देशभर के कलाकार देंगे शैव परंपरा व संस्कृति आधरित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
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अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। शैव परंपरा से युवाओं को जोडऩे के लिए महाकाल के आंगन में विशेष महोत्सव प्रारंभ होने जा रहा है। 10 से 14 जनवरी तक होने वाले महाकाल महोत्सव में पांच दिनों तक देश की समृद्ध शैव परंपरा और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। जिसमें देशभर के ख्याति प्राप्त कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की पिछली बैठक में अध्यक्ष रौशनकुमार सिंह (कलेक्टर), मंदिर समिति प्रशासक प्रथम कौशिक ने इस आयोजन के लिए सर्वानुमति से यह निर्णय लिया था। यह महोत्सव पूरी तरह से शैव परंपरा पर केन्द्रित होगा। इसमें नृत्य, संगीत, नाट्य और अन्य कला विधाएं शामिल होंगी, जो भगवान शिव और शैव दर्शन पर आधारित होंगी।
महोत्सव के मुख्य आकर्षण
विभिन्न शैलियों के सांस्कृतिक कार्यकम होगे।
शैव परंपरा से संबंधित विशेष कलात्मक और धार्मिक प्रस्तुतियाँ होगी।
शैव संस्कृति, इतिहास और कला को दर्शाती एक विशेष प्रदर्शनी लगेगी जिसमें शिव के रूप, शैव तीर्थों और शैव संतों की जीवनगाथा होगी।
यह एक अनूठा आयोजन है जो १० से १४ जनवरी तक होगा। नई शुरुआत है। देश के चुनिंदा कलाकारों की प्रस्तुतिया होंगी, साथ ही स्थानीय सांस्कृतिक कलाकारों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।-आशीष फलवाडिय़ा, सहायक प्रशासक, श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति
2018 में भी हुआ था शैव महोत्सव
महाकाल के आंगन में वर्ष 2018 में भी एक शैव महोत्सव का आयोजन हुआ था। इसका उद्देश्य विश्व स्तर पर बारह ज्योतिर्लिंगों के महत्व को प्रसारित करना तथा हिंदू धर्म संस्थानों की गरिमा के अनुरूप वेदोक्त पूजा पद्धति में साम्य स्थापित करना था। 5 से 7 जनवरी 2018 तक आयोजित उस शैव महोत्सव का शुभारंभ संघ प्रमुख डॉ. मोहन राव भागवत ने किया था।









