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महाकाल मंदिर: न कर सकेंगे सेवा, न खा सकेंगे भ्रष्टाचार का मेवा

जेल भेजे गए कर्मचारियों को बर्खास्त करने का प्रस्ताव तैयार

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संघ समर्थक प्रशासक को हटाने के मामले में इंदौर में होगा मंथन!

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। महाकाल मंदिर में सेवा करने की आड़ में भ्रष्टाचार करने वाले कर्मचारी अब न मंदिर में सेवा कर सकेंगे न भक्तों के साथ भ्रष्टाचार कर सकेंगे। प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार इस मामले में बेहद सख्त है और वह इस मामले में कोई नरमी नहीं बरतेगी। संघ से जुड़े प्रशासक गणेश धाकड़ को हटाकर सरकार ने अपने इरादे जता दिए हैं। मंदिर प्रशासन अब जेल भेजे गए कर्मचारियों को बर्खास्त करने का आदेश जल्द जारी करेगा। हालांकि प्रशासक को हटाने का मामला सुर्खियों में है और इसको लेकर इंदौर में हो रहे संघ के शिविर में चर्चा होने की अटकलें हैं।

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महाकाल मंदिर में भ्रष्टाचार करने वाले कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने के लिए मंदिर के प्रभारी प्रशासक और एडीएम अनुकूल जैन ने प्रस्ताव तैयार कर कलेक्टर और मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष नीरजकुमार सिंह को भेज दिया है। जल्द ही कलेक्टर इस मामले में आदेश जारी कर सकते हैं। मामले में पांच और कर्मचारियों को जेल भेजा जा चुका है। मंदिर प्रशासन भ्रष्टाचार के मामले में बेहद सख्त है। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी प्रशासन को इस मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

धाकड़ संघ से जुड़े हैं: पूर्व प्रशासक गणेश धाकड़ को वापस वित्त विभाग में ट्रांसफर किया जा चुका है। धाकड़ संघ से जुड़े हैं। इस कारण भी उन्हें प्रशासक से हटाने का मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। संघ में इस बात की चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि धाकड़ चार माह पहले ही दोबारा मंदिर प्रशासक बनकर आए थे। जबकि दर्शनार्थियों के साथ धोखाधड़ी बरसों से चल रही है। इसको लेकर इंदौर के राऊ में आयोजित हो रहे तीन दिवसीय शिविर में अनौपचारिक चर्चा हो सकती है। तीन जनवरी को शिविर का समापन इंदौर के दशहरा मैदान में जय घोष कार्यक्रम के रूप में होगा, जिसमें संघ प्रमुख मोहन भागवत भी शामिल होंगेेे।

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जनप्रतिनिधियों के नाम पर कोटे से ज्यादा दर्शन
महाकाल मंदिर में जनप्रतिनिधियों के कोटे तय हैं। कोटे के हिसाब से दर्शनार्थियों को नि:शुल्क दर्शन कराए जाते हैं। मंदिर प्रशासन को जांच में यह जानकारी भी हाथ लगी है कि जनप्रतिनिधियों के लिए तय कोटे से ज्यादा लोगों को दर्शन कराए गए। इस मामले को लेकर भी प्रशासन गंभीर है।

कार्रवाई का प्रस्ताव मिला है
महाकाल मंदिर के जिन कर्मचारियों पर पुलिस प्रकरण दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की गई है, उन पर कार्रवाई का प्रस्ताव मिला है।
नीरजकुमार सिंह, कलेक्टर एवं अध्यक्ष महाकाल मंदिर प्रबंध समिति

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