महाशिवरात्रि: तैयार हो रहा महाकालेश्वर मंदिर

चांदी सफाई 1 से होगी शुरू, बाबा को सजाने के लिए तैयार किए जा रहे हैं मुखौटे
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दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए मंदिर की टाइल्स बदली जा रही है।
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में अब महाशिवरात्रि की तैयारी शुरू हो गई है। महाशिवरात्रि 15 फरवरी को है। 7 फरवरी से महाकाल मंदिर में उत्सव प्रारंभ हो जाएंगे। रोज भगवान महाकाल को अलग-अलग स्वरूप में सजाकर दूल्हा बनाया जाएगा। 16 फरवरी को सेहरा दर्शन और दोपहर में भस्मारती के साथ समारोह का समापन होगा।
महाशिवरात्रि की तैयारी में मंदिर प्रशासन जुट गया है। मंदिर के गर्भगृह, चांदी द्वार व नंदी हाल में लगी चांदी की सफाई का काम 1 फरवरी से शुरू हो जाएगा। चांदी की सफाई का काम इस बार भी दिल्ली के सुशील वशिष्ठ कर रहे हैं। वे वर्ष 2017 से मंदिर में चांदी सफाई की नि:शुल्क सेवाएं दे रहे हैं। महाशिवरात्रि, सावन, दीपावली सहित साल मेें तीन चार मौके ऐसे आते हैं जब मंदिर में चांदी की सफाई होती है। श्री वशिष्ठ ने बताया कि वे 31 जनवरी को अपनी ६सदस्यीय टीम के साथ उज्जैन आ जाएंगे और 1 से 4 फरवरी के बीच अपना काम खत्म कर देंगे। इसके अलावा भगवान महाकाल को नौ दिनों तक सजाने वाले विभिन्न मुखोटों को तैयार करने में भी कलाकार लग गए हैं। नौ दिनों के उत्सव में 9 मुखौटों का उपयोग होगा।
10 लाख से अधिक आने की संभावना
महाशिवरात्रि पर एक दिन में ही 10 लाख से अधिक दर्शनार्थियों के आने की संभावना है। अगले दिन 16 फरवरी को दोपहर में भस्मारती व सेहरा दर्शन के कारण सुबह काफी संख्या में दर्शनार्थी उमड़ेंगे। गौरतलब है कि वर्ष 202५ में सिर्फ महाशिवरात्रि के दिन 10 लाख से अधिक, 2024 में 7 लाख से अधिक और 2023 में 8 लाख भक्त आए थे।
पूर्णिमा के बाद होगी कुंड की सफाई: महाशिवरात्रि के पहले हर साल कोटितीर्थ कुंड की सफाई होती है। कुंड को खाली करना प्रारंभ कर दिया है। मंदिर सूत्रों के मुताबिक 1 फरवरी को माघ पूर्णिमा के बाद कुंड की सफाई व रंगरोगन का काम प्रारंभ हो जाएगा।









