मंगलनाथ मंदिर के प्रशासक के साथ महंत और उसके पुत्र ने की बदसलूकी, हाथ पकडक़र झूमाझटकी भी की

प्रशासक का आरोप… 100 रुपए की विशेष दर्शन व्यवस्था को बंद करने का बना रहे दबाव
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उज्जैन। मंगल ग्रह के उत्पत्ति स्थल श्री मंगलनाथ मंदिर में शनिवार दोपहर प्रशासक के साथ महंत व पूर्व विधायक और उसके पुत्र ने बदसलूकी करते हुए झूमाझटकी की। विवाद १०० रुपए की शीघ्र दर्शन लाइन में सामान्य दर्शनार्थियों को जबरन प्रवेश करवाने को लेकर हुआ। प्रशासक ऐसा करने से रोक रहे थे जिसके बाद यह स्थिति बनी। मामले में प्रशासन ने एसडीएम को इसकी जानकारी देते हुए चिमनगंज मंडी थाने में शिकायती आवेदन दिया है और महंत और उसके पुत्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उन्हें व उनके परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है।
दरअसल, घटना दोपहर 2 से 3 बजे के बीच की है। प्रशासक केके पाठक ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि शनिवार को अनंत चतुर्दशी होने से मंदिर में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ थी। ऐसे में मंदिर प्रशासन द्वारा प्रति श्रद्धालु १०० रुपए की शीघ्र दर्शन रसीद बनाकर उन्हें दर्शन करवाए जा रहे थे। इस व्यवस्था को भंग करते हुए महंत राजेंद्र भारती और उनके पुत्र अक्षय भारती ने शीघ्र दर्शन की रैलिंग से ही सामान्य दर्शनार्थियों को जबर्दस्ती प्रवेश करवाया।
ऐसे में रसीद लेकर लाइन में लगे श्रद्धालु भडक़ गए। मैंने जब इसे रोकने की कोशिश की तो महंत और उसके पुत्र ने अभद्रता करते हुए ना सिर्फ गाली-गलौच की बल्कि हाथ पकडक़र झूमाझटकी भी की। इस कृत्य से जहां मंदिर की छवि धूमिल हुई बल्कि राजस्व को भी हानि हुई, जबकि यह व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा ही बनाई गई है ताकि मंदिर की आय में बढ़ोत्तरी हो सके। उन्होंने शासकीय कार्य में बाधा डालने और राजस्व को हानि पहुंचाने को लेकर महंत और उसके पुत्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और सुरक्षा देने की मांग की है।
विवाद की कहानी, प्रशासक की जुबानी
मंदिर में 100 रुपए की शीघ्र दर्शन रसीद की व्यवस्था है जिससे शासन को राजस्व प्राप्त होता है। इसके लिए मंदिर में अलग से रैलिंग भी लगी है। इस व्यवस्था को बंद करवाने को लेकर राजेंद्र भारती और उनके पुत्र अक्षय भारती द्वारा पिछले 4-5 महीने से दबाव बनाया जा रहा है। दोनों के द्वारा आए दिन विशेष दर्शन की लाइन से अपने सामान्य श्रद्धालुओं को प्रवेश करवाया जाता है जिससे दूसरे श्रद्धालु आपत्ति लेते हैं। शनिवार को भी इनके द्वारा तीन बार रैलिंग को रस्सी बांधकर बंद कर दिया गया। इसके अलावा दर्शनार्थियों को भी भडक़ा दिया। ऐसा करने से रोका तो दोनों पिता-पुत्र ने बदसूलकी करते हुए हाथ पकडक़र झूमाझटकी। यह मंदिर जिला प्रशासन के अधीन है, कलेक्टर यहां के व्यवस्थापक हैं, यहां महंत का क्या काम।
इस संबंध में एसडीएम डॉ. एलएन गर्ग को जानकारी दी। उन्होंने ही एफआईआर करवाने की निर्देश दिए। मंदिर में भातपूजा के लिए 1100 रुपए और 150 रुपए की रसीद कटती है। इस तरह श्रद्धालु को 1250 रुपए देना होते हैं लेकिन उनसे 100 रुपए और वसूले जाते हैं जिससे इन पिता-पुत्र और उनके चेलों की आय होती है। मैंने जगह-जगह इसके लिए बोर्ड भी लगवा दिए हैं लेकिन मुझसे कहा जाता है कि मैं सीएम का आदमी हूं, ऐसा कहकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की छवि भी धूमिल की जा रही है। इस मामले में चिमनगंज मंडी टीआई गजेंद्र पचौरिया ने भी सिर्फ आवेदन लिया, एफआईआर दर्ज नहीं की जिसकी जानकारी भी एसडीएम डॉ. गर्ग को दी है। उन्होंने कलेक्टर और एसपी से बात करने की बात कही है।
(जैसा मंगलनाथ मंदिर के प्रशासक केके पाठक ने अक्षरविश्व को बताया)
इनका कहना
अगर ऐसा है तो प्रशासक कार्रवाई करें। ऐसे अधिकारी मंदिर की व्यवस्था बिगाड़ रहे हैं। यदि कोई व्यवस्था बिगाड़ेगा तो किसी को तो संभालना पड़ेगा। हम पीढिय़ों से यहां सेवा दे रहे हैं। मेरे और मेरे पुत्र के ऊपर जो भी आरोप लगाए गए हैं, वह १०० प्रतिशत झूठे और निराधार हैं।
– राजेंद्र भारती, महंत
मंगलनाथ मंदिर
मंगलनाथ मंदिर के प्रशासक की ओर से अभी आवेदन दिया गया है, मामले की जांच की जा रही है, उसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
– गजेंद्र पचोरिया
टीआई थाना चिमनगंज










