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मकर संक्रांति से महाकाल के आंगन में बिखरेगी सुरों की आभा

पांच दिवसीय श्री महाकाल महोत्सव में शंकर-एहसान-लॉय की तिकड़ी और सोना महापात्रा की सूफियाना आवाज़ गूंजेगी

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पहले दिन जनजातीय कला उत्सव

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। बाबा महाकाल की नगरी में मकर संक्रांति यानी 14 जनवरी से श्री महाकाल महोत्सव प्रारंभ होने जा रहा है। पांच दिनों तक चलने वाला यह उत्सव 18 जनवरी तक चलेगा। उत्सव में देश की प्रसिद्ध संगीत हस्तियां, शास्त्रीय नृत्य कलाकार और जनजातीय दल अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। महोत्सव के सभी कार्यक्रम प्रतिदिन सायं 7 बजे से प्रारंभ होंगे।
महोत्सव का आगाज़ मकर संक्रांति पर जनजातीय लोकनृत्यों और कला यात्रा के साथ होगा। पहले दिन गोंड समुदाय का सैला नृत्य, बैगा का परधौनी और भील जनजाति का भगोरिया नृत्य मुख्य आकर्षण होंगे। दिन के समय निकलने वाली कला यात्रा शहर को लोक संस्कृति के रंगों में सराबोर करेगी।

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म्यूजिक इंडस्ट्री के बड़े सितारे बिखेरेंगे जलवा

15 जनवरी- महोत्सव के दूसरे दिन बॉलीवुड की प्रसिद्ध संगीतकार तिकड़ी शंकर-एहसान-लॉय अपनी संगीतमय प्रस्तुति देंगे। उनकी ऊर्जावान प्रस्तुति से महाकाल की नगरी में सुरों का जादू चलेगा।

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16 जनवरी- गायिका सोना महापात्रा मंच संभालेंगी। उनकी सशक्त आवाज़ में शिव भक्ति और सूफियाना गीतों का अनूठा मिश्रण दर्शकों को भावविभोर करेगा। इस दिन कोरकू और भील जनजातीय नृत्यों की भी प्रस्तुति होगी।

आध्यात्मिक संध्या और शिव-नाट्य

17 जनवरी- यह शाम शास्त्रीय और समकालीन गायन के नाम रहेगी। विभिन्न कलाकार शिव भजनों और आध्यात्मिक रचनाओं के माध्यम से वातावरण को शिवमय बनाएंगे।

18 जनवरी (समापन)- महोत्सव का समापन भगवान शिव को समर्पित विशेष नृत्य-नाट्य प्रस्तुति के साथ होगा। इसमें कथक कली और अन्य शास्त्रीय नृत्य शैलियों के माध्यम से महादेव के विभिन्न रूपों का सजीव चित्रण किया जाएगा।

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