सबसे अधिक 587 करोड़ रुपए के निर्माण कार्य उज्जैन जिले में होंगे

आचार संहिता के पहले 1879 करोड़ के काम मंजूर
अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के पहले प्रदेश सरकार ने उज्जैन में 586.95 करोड़ रुपए के कामों को मंजूरी दी है। वित्त विभाग की राज्य स्तरीय विभागीय समिति ने इन कामों को स्वीकृति देकर काम शुरू करने के लिए फाइलें लोक निर्माण विभाग को भेज दी।
यह सभी मंजूरी लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के एक दिन पहले यानी 15 मार्च को जारी हुई। आचार संहिता लागू होने से पहले सरकार ने 1879.29 करोड़ के काम मंजूर किए हैं। इसमें उज्जैन के साथ मंडला, जबलपुर, मऊगंज, शहडोल, पन्ना, अनूपपुर, रतलाम, छतरपुर, भोपाल, नर्मदापुरम, शाजापुर, राजगढ़, रीवा, धार, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन, भिंड और अशोकनगर जिलों के लिए भी सड़कें, पुल-पुलियाओं और रेलवे ओवर ब्रिज के प्रोजेक्ट शामिल हैं। सबसे ज्यादा राशि उज्जैन के खाते में गई है।
सरकार का फोकस उज्जैन पर
डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद सरकार का फोकस उज्जैन पर बढ़ा है। उज्जैन में पिछले तीन महीने में निर्माण कार्यों के लिए सबसे अधिक राशि हासिल करने वाले जिलों में शामिल हुआ है। यहां सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर भी फोकस किया जा रहा है। उज्जैन में इन्वेस्टर्स की रीजननल कॉन्फ्रेंस और व्यापार मेला लगाया था। इसके 13 दिन बाद सरकार ने जिले के शहरी व ग्रामीण इलाकों की सड़कों के लिए सबसे अधिक राशि मंजूर की है।
उज्जैन में शिफ्ट होगा धार्मिक न्यास और धर्मस्व संचालनालय
उज्जैन में एक और दो मार्च को रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव का आयोजन किया गया। इस दौरान यहां दो हजार से अधिक उद्योगपतियों को बुलाकर उनसे उज्जैन के साथ प्रदेश के अन्य जिलों में उद्योग चलाने भूमिपूजन कराए गए। इसके साथ ही ग्वालियर की तर्ज पर यहां व्यापार मेला शुरू किया गया और वाहनों की खरीदी पर छूट दी गई है। उज्जैन में वैदिक घड़ी का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वर्चुअली कराया गया है। इसके साथ ही मोहन कैबिनेट ने प्रदेश के धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग का संचालनालय राजधानी भोपाल से उज्जैन शिफ्ट करने का फैसला किया है। उज्जैन की दताना हवाई पट्टी का विस्तार एयरपोर्ट के रूप में किया जा रहा है। साथ ही सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर एसीएस की अध्यक्षता वाली विभागीय कमेटी का गठन कर अधोसंरचना विकास के प्रस्ताव तैयार कराए जा रहे हैं।
अन्य जिलों में होने वाले काम










