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शनि मंदिर के सामने बनेगा मॉडल घाट, दिव्यांगों के लिए विशेष रैंप, 1.5 मीटर ऊं ची रैलिंग भी लगेगी

मेला अधिकारी आशीष सिंह को समीक्षा बैठक मेें बताया, सिलारखेड़ी डेम और कान्ह डायवर्जन काम में भी तेजी

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिंहस्थ के लिए त्रिवेणी स्थित शनि मंदिर के सामने बन रहे रहे घाटों को मॉडल घाट के रूप मेें मनाया जा रहा है। सुरक्षा के लिए यहां डेढ़ मीटर ऊंची रैलिंग भी लगाई जा रही है। यहां दिव्यांगों की सुविधा के लिए रैंप भी बनेगा।

यह जानकारी मंगलवार को सिंहस्थ कार्यों की समीक्षा बैठक मेें सामने आई है। मेला कार्यालय के सभागृह में मेला अधिकारी आशीष सिंह ने विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में घाटों के आधुनिकीकरण, सुरक्षा और जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक में बताया गया कि शनि मंदिर के सामने निर्माणाधीन घाट को एक मॉडल घाट के रूप में तैयार किया जा रहा है।

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श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यहाँ 1.5 मीटर ऊँची रैलिंग लगाई जाएगी। साथ ही, समावेशी विकास को ध्यान में रखते हुए मेला अधिकारी श्री ङ्क्षसह ने निर्देश दिए कि घाटों पर दिव्यांगजनों के लिए रैंप का निर्माण अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि उन्हें शिप्रा तट तक पहुँचने में सुगमता हो।

सिलारखेड़ी डैम में अगली बारिश में पानी भरेंगे
समीक्षा के दौरान महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारियाँ देते हुए बताया गया कि सिलारखेड़ी डैम का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। आगामी मानसून के दौरान डैम में पानी भरकर इसकी टेस्टिंग की जाएगी।

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कान्ह डायवर्जन की साढ़े तीन किमी पाइपलाइन डाली
बैठक में बताया गया कि कान्ह नदी के प्रदूषित पानी को मोडऩे के लिए डाली जा रही पाइपलाइन का 3.4 किलोमीटर कार्य पूर्ण हो चुका है। इसके अलीावा घाट निर्माण की जानकारी देते हुए बताया गया कि घाटों की सुरक्षा दीवार (रिटेनिंग वॉल) और स्लोप बनाने का कार्य प्रगति पर है।

गुणवत्ता से समझौता नहीं-कलेक्टर
बैठक में मौजूद कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने निर्माण एजेंसियों को सख्त हिदायत दी कि कार्य की गुणवत्ता सर्वोपरि है। उन्होंने अधिकारियों को समय-समय पर निर्माण सामग्री की लैब टेस्टिंग और स्थल निरीक्षण करने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस हाउसिंग, एमपीईबी (बिजली विभाग), आरईएस और बीडीसी के माध्यम से किए जा रहे विभिन्न सिंहस्थ कार्यों का लेखा-जोखा लिया गया।

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