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इंदौर में दूषित पानी से मौतों के मामले में मोहन सरकार का तगड़ा एक्शन…

निगम कमिश्नर को हटाया, एडिशनल कमिश्नर और ईई को किया सस्पेंड

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क्षितिज सिंघल ने नए निगमायुक्त होंगे

अक्षरविश्व न्यूज इंदौर। इंदौर में दूषित पानी से मौतों के मामले में मोहन सरकार ने कड़ा एक्शन लिया। नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव को हटाकर सचिवालय में तैनात कर दिया। उनकी जगह क्षितिज सिंघल को नया निगमायुक्त बनाया गया है। एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव को सस्पेंड कर दिया। सरकार ने हाईकोर्ट में दाखिल स्टेटस रिपोर्ट में इंदौर में दूषित पानी से सिर्फ 4 मौतें होने का हवाला दिया है। अस्पतालों के जरिए 15 मौतों की जानकारी सामने आ चुकी है। अगली सुनवाई 6 जनवरी को होगी।

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इंदौर नगर निगम में तीन नए अधिकारी नियुक्त
इंदौर नगर निगम में तीन नए आईएएस तैनात किए गए हैं। खरगोन जिला पंचायत सीईओ आकाश सिंह, आलीराजपुर जिला पंचायत सीईओ प्रखर सिंह और इंदौर उप परिवहन आयुक्त आशीष कुमार पाठक को निगम में अपर आयुक्त बनाया गया। पाठक उज्जैन नगर निगम में आयुक्त रह चुके हैं।

जानलेवा बैक्टीरिया की पुष्टि हुई थी

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इंदौर सीएमएचओ डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने बताया था कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट मिल गई है। इसमें बताया कि दूषित पानी पीने योग्य नहीं है। सैंपल में फीकल कॉलिफॉर्म, ई-कोलाई, विब्रियो और प्रोटोजोआ जैसे जानलेवा बैक्टीरिया पाए गए हैं। पानी में हैजा फैलाने वाला विब्रियो कोलेरी भी मिला है, लेकिन सरकारी तंत्र इसे अब भी प्रारंभिक रिपोर्ट कहकर टाल रहा है। नगर निगम ने भी खुद की लैब में करीब 80 सैंपल्स भेजे थे। जांच रिपोर्ट में इन सैंपल्स को असंतोषजनक बताया गया है।
इन अफसरों पर हुई कार्रवाई

दिलीप यादव निगम आयुक्त हटाए गए

जिम्मेदारी- गंदे पानी की शिकायतों को अनदेखा किया। पाइपलाइन की टेंडर प्रक्रिया पर नजर नहीं रखी।

रोहित सिसोनिया, अपर आयुक्त सस्पेंड
जिम्मेदारी- अगस्त में टेंडर हुए थे, उन्हें रोक कर रखा। शिकायतों की अनदेखी की।

संजीव श्रीवास्तव, पीएचई के प्रभारी अधीक्षण यंत्री, सस्पेंड
जिम्मेदारी- शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की।

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