दो अधिकारियों को हटा कर जनता को खुश कर दिया नगर निगम ने

पेयजल सप्लाई में लापरवाही बरती सहायक यंत्री और उपयंत्री ने
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अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। पेयजल समस्या की जड़ में जाने की कोशिश ही नहीं हो रही है। निरीक्षण, समीक्षा बैठक, जांच समिति गठित इत्यादि इत्यादि हो रहा है। अधीक्षण यंत्री के बिना चल रही व्यवस्था प्रभारियों के जिम्मे है। अधिकार के बिना काम करने यह नई व्यवस्था है। फिलहाल पीएचई के सहायक यंत्री और उपयंत्री को उनकी जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है।
पिछले दिनों जल प्रदाय व्यवस्था में उत्पन्न हुई बाधा के लिए कंट्रोल रूम प्रभारी उपयंत्री कमलेश कजोरिया और गंभीर डेम एवं गउघाट प्लांट प्रभारी राजीव शुक्ला को जिम्मेदार माना गया। इनकी लापरवाही सामने आने पर दोनों को उनके मूल प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। पाइप लाइन को 800 की क्षमता से चलाना चाहिए था, लेकिन वे 400 की क्षमता से चला रहे थे।
नतीजतन टंकियां भर नहीं पा रही थीं। कार्य पालन यंत्री एनके भास्कर को इनकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। अनुभवी भास्कर नई जिम्मेदारी किस तरह निभाएंगे यह भविष्य बताएगा। इन दोनों लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होने से जनता की नाराजगी कुछ हद तक दूर हुई है। लोगों का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही से जनप्रतिनिधियों को खरी-खोटी सुनना पड़ रही थी।









