नदी के बहाव की बाधा, गाद निकालने का काम शुरू किया नगर निगम ने…

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:शिप्रा नदी में कान्ह का दूषित पानी मिलने के कारण पीएचई द्वारा दूषित पानी को आगे बहाकर नर्मदा का साफ पानी स्टोर करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
शिप्रा नदी में पानी का लेवल कम होते ही बीच नदी में पड़े बैरिकेड्स, पेड़ और मूर्तियों के स्ट्रक्चर को नदी से बाहर निकालने से संबंधित समाचार अक्षर विश्व द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित कर पीएचई और नगर निगम अफसरों का ध्यान आकर्षित किया गया। जिसका परिणाम यह रहा कि निगम आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लेकर जेसीबी, फॉकलेन मशीनों को घाटों पर उतारकर नदी के सफाई करने के निर्देश दिये गये।
बुधवार को नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अतिरिक्त कर्मचारी लगाकर नदी की सफाई के लिये अभियान चलाया वहीं नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक के निर्देश पर वर्कशॉप विभाग से जेसीबी और पोकलेन मश्ीनों को दत्त अखाड़ा, रामघाट और सुनहरी घाट के साथ ही भूखी माता व नृसिंहघाट की ओर तैनात कर बीच नदी में पड़े लोहे के बैरिकेड्स निकालने की कार्रवाई की गई। करीब नदी के दोनों ओर करीब आधा किलोमीटर तक बीच नदी की सफाई का विशेष अभियान चला। भूखी माता क्षेत्र में घाटों पर जमीं बाढ़ में बहकर आई मिट्टी को जेसीबी की मदद से हटाया गया वहीं घाटों पर जमी काई को भी घिसकर साफ किया जा रहा है।
पानी कम ज्यादा होने से परेशानी
एक ओर पीएचई द्वारा शिप्रा नदी में स्टोर कान्ह के दूषित पानी को स्टापडेम के गेट खोलकर बहाने का काम किया जा रहा है वहीं राघोपिपल्या स्टापडेम से लगातार आ रहे कान्ह के पानी से रामघाट पर बार-बार पानी का स्तर बढ़ रहा है। ऐसे में नदी को खाली करने के पीएचई के अफसरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।









