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नगर निगम ने इंजीनियरों के किए ट्रांसफर, हर रोड का एक प्रभारी

इंजीनियर के खिलाफ पहले निंदा प्रस्ताव, अब बनाया झोनल अधिकारी

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अक्षरविश्व न्यूज . उज्जैन:नगर निगम ने हाल ही इंजीनियरों के थोकबंद ट्रांसफर किए हैं। निगम के इतिहास में पहले कभी इतने ट्रांसफर नहीं हुए। सबसे बड़ी बात यह कि इंजीनियर एक इंजनीयर के खिलाफ एमआईसी ने निंदा प्रस्ताव पारित किया था, अब उसे पदोन्नत कर जोनल अधिकारी बना दिया है। चौंकाने वाला पहलू यह है कि अधीक्षण यंत्री का जिम्मा इस लिस्ट में भी किसी को नहीं सौंपा गया है, जबकि अधीक्षण यंत्री की अनुशंसा के बिना कई काम कराए नहीं जा सकते।

निगम में इन दिनों अधिकारियों और कुछ जनप्रतिनिधी बीच शीतयुद्ध चल रहा है। इस कारण कई फैसलों में उलटफेर ज्यादा हो रहे। निगमायुक्त आशीष पाठक और जनप्रतिनिधियों में आंतरिक टकराव की स्थिति बनी हुई है। अब निगम द्वारा इंजीनियरों के ट्रांसफर को भी इसी घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है।

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ये ट्रांसफर 26 मार्च को लोकसभा चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद किए गए हैं, लेकिन इनको लेकर जनप्रतिनिधियों और पार्षदों के बीच चर्चा का माहौल है। सूत्रों के बीच इस बात को लेकर चर्चा है कि साहिल मैदावाला को झोन अधिकारी बना दिया गया है जबकि इसी झोन की एक सड़क को लेकर एमआईसी सदस्यों और पार्षदों ने निंदा प्रस्ताव पारित किया था। निगमायुक्त पाठक ने अब उन्हें भवन अधिकारी और झोनल अधिकारी बना दिया है।

उपयंत्री को बड़ी जिम्मेदारी

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ट्रांसफर लिस्ट में उपयंत्रियों को भी अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजकुमार राठौर उपयंत्री और साहिल मैदावाला सहायक यंत्री हैं, लेकिन इन्हें झोनल अधिकारी का महत्वपूर्ण जिम्मा सौंपा गया है। शेष सभी झोनल अधिकारी कार्यपालन यंत्री हैं।

इनको भी सौंपे जिम्मे

मनोज राजवानी, प्रभारी सहायक यंत्री झोन 1 के झोनल अधिकारी।

साहिल मैदावाला, सहायक यंत्री झोन 2 के झोनल अधिकारी। ठ्ठ डीएस परिहार प्रभारी सहायक यंत्री, झोन 3 के झोनल अधिकार।

राजकुमार राठौर, प्रभारी सहायक यंत्री झोन 4 के झोनल अधिकारी

राजकुमार राठौर, उपयंत्री झोन 3 के प्रभारी झोनल अधिकारी,

जितेंद्र श्रीवास्तव, प्रभारी सहायक यंत्री झोन 5 के झोनल अधिकारी,

दीपक शर्मा, सहायक यंत्री झोन 6 के झोनल अधिकारी,

मोहित मिश्रा, उपयंत्री को विद्युत शवदाह गृह, सदावल डॉग हाउस, गोंदिया ट्रेंचिंग ग्राउंड, सीएनडी प्लांट का प्रभार सौंपा गया है।

अधीक्षण यंत्री की कुर्सी खाली क्यों?

नगर निगम में अधीक्षण यंत्री का महत्व ज्यादा रहता है। 26 मार्च की लिस्ट में अधीक्षण यंत्री का जिम्मा किसी को दिया नहीं गया है। बताया जा रहा है कि यह कुर्सी खाली पड़ी है, जबकि महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों के लिए अधीक्षण यंत्री की अनुशंसा जरूरी रहती है।

ट्रांसफर एक नजर में

राकेश गुप्ता, कार्यपालन यंत्री झोन 6 के भवन अधिकारी।

जगदीश मालवीय, प्रभारी कार्यपालन यंत्री को झोन 1 और 3 के भवन अधिकारी का दायित्व।

साहिल मैदावाला, सहायक यंत्री को झोन 2 का भवन अधिकारी बनाया।

राजकुमार राठौर, उपयंत्री को झोन 4 के भवन अधिकारी का जिम्मा।

दीपक शर्मा, सहायक यंत्री को झोन 5 के भवन अधिकारी का जिम्मा।

जोशना उबनारे, उपयंत्री भवन निरीक्षक झोन 1

सौम्या चतुर्वेदी, उपयंत्री भवन निरीक्षक झोन 2

राजेंद्रसिंह रावत, उपयंत्री भवन निरीक्षक झोन 3

निशा वर्मा, उपयंत्री भवन निरीक्षक झोन 4

गायत्री प्रसाद डेहरिया, उपयंत्री भवन निरीक्षक झोन 5

मुकुल मेश्राम, उपयंत्री भवन निरीक्षक झोन 6

संगीता पंवार, उपयंत्री को कंट्रोल रूम का प्रभार।

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