Monday, November 28, 2022
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MUSIC में कैसे बनायें Career

म्यूजिक कोई कौर्स नहीं है जिसे आप कोई स्कूल या कॉलेज में जाकर सिख जाएं यह एक कला (आर्ट) हैं अगर आप एक सफल म्यूजिसियन या सिंगर बनना चाहते हैं तो आपको इसके लिए म्यूजिक यानि संगीत को अपने भीतर खोजना होगा| यदि आपको लगता हैं कि आप इस क्षेत्र में कुछ कर पाएंगे तभी आपको यह इस क्षेत्र में कदम रखना चाहिए |

म्यूजिक (संगीत) दुनियाभर में लोगों के बीच अपना प्रभाव छोड़ता है. इसकी अद्भुत शक्ति और प्रभाव से विज्ञान भी अपरिचित नहीं है. इसमें हीलिंग पावर है. यह इंसानी भावनाओं की अभिव्यक्ति है जहां जाति, रंग या संस्कृति का कोई बंधन नहीं. हालांकि, ऐसे कम ही लोग हैं जो म्यूजिक क्रिएट कर पाते हैं और उससे भी कम वे लोग हैं जिनमें म्यूजिक को अपना करियर बनाने का जुनून हो. गीत-संगीत में दिलचस्पी लेना अलग बात है, लेकिन इसमें अपना करियर बनाने के लिए आपको अपने भीतर म्यूजिक को खोजना होगा. अगर आपमें म्यूजिक के प्रति क्रेज है तो आप सच्ची लगन व मेहनत की बदौलत इस क्षेत्र में कामयाबी हासिल कर सकते हैं.

म्यूजिक में करियर स्कोप की कमी नहीं

आजकल ऑनलाइन मार्केटिंग की वजह से म्यूजिक इंडस्ट्री में सकारात्मक बदलाव आया है. अब कम खर्च में म्यूजिक की ऑनलाइन मार्केटिंग संभव है. इस वजह से भविष्य में इस फील्ड की उम्मीदें बढ़ी हैं. पिछले साल के अंत में भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री का कारोबार करीब 1500 करोड़ रुपये के बराबर रहा. एक अनुमान के मुताबिक, 2023 के अंत तक इस इंडस्ट्री का कारोबार करीब 2300 करोड़ रुपये तक हो जाएगा. डिजिटल संगीत की बढ़ती लोकप्रियता ने म्यूजिक इंडस्ट्री के कारोबार को लगातार बढ़ाया है.

करियर स्कोप के लिहाज से भी यहां अवसर पहले से कई गुना अधिक हुए हैं. इन दिनों टेलीविजन इंडस्ट्री, फ़िल्म, विज्ञापन, इवेंट, एजुकेशन फील्ड, रिएलिटी शोज, प्रोडक्शन हाउस, साउंड, रेडियो, एफएम चैनल्स, कल्चरल डिपार्टमेंट्स और म्यूजिक सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में अवसरों की कमी नहीं. हां, अन्य क्षेत्रों की तरह यहां भी प्रतिस्पर्धा है लेकिन यह टैलेंट चमकाने के लिए जरूरी है.

म्यूजिक इंडस्ट्री सैलरी पैकेज

म्यूजिक इंडस्ट्री में सैलरी का कोई फिक्स्ड पैमाना नहीं होता है. करियर की शुरुआत में म्यूजिशियन, सिंगर और म्यूजिक कंपोजर हर महीने ₹35,000 और ₹55,000 के बीच कमाते हैं. ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक इस इंडस्ट्री में मंथली एवरेज इनकम ₹50,000 से लेकर ₹1,35,000 के बीच है. अच्छे परफॉर्मर और म्यूजिशियन के लिए करोड़पति बनना ज्यादा मुश्किल नहीं. म्यूजिक कम्पोजर और सिंगर की आय उसकी योग्यता और प्रोजेक्ट पर निर्भर करती है. प्लेबैक सिंगर या एल्बम से भी अच्छी कमाई हो सकती है.

म्यूजिक या संगीत में करियर कैसे बनायें

कुछ लोग सोचते हैं कि म्यूजिक इंडस्ट्री में बहुत नाम, शोहरत और पैसा है तो यही तो करियर के लिए यही सही निर्णय होगा वो बिलकुल गलत हैं आप सिर्फ पैसा कमाने के लिए म्यूजिक से नहीं जुड़ सकते | इस क्षेत्र से जुड़ने के लिए आपका लगाव दिल से होना चाहिए म्यूजिक के लिए |

कहाँ सीखें म्यूजिक

म्यूजिक सिखाना जितना जल्दी शुरू किया जाये उतना ही बेहतर होता है अगर आप बचपन से ही म्यूजिक सिखोंगे तो आप सुर, ताल आदि को बारीकी से समझ पाओगे. तो यदि आपके शहर में कोई म्यूजिक class या कोई अन्य संस्था है जो प्रारंभिक म्यूजिक सिखाता है तो आप use जॉइन कर सकते हैं | कुछ महीनों बाद आपका रिजल्ट आपको दिखाई देगा,अब जाकर आपको लगता हैं कि आप इस इंडस्ट्री में कुछ कर सकते हैं तो ही कोई आगे कदम उठायें |

म्यूजिक या सिंगिंग के लिए कौर्स

वैसे तो एक संगीतकार (musician) बनने के लिए कोई कौर्स खास कौर्स नहीं करना पड़ता फिर भी म्यूजिक की थोड़ी समझ हैं और जैसा मैनें ऊपर बताया कि म्यूजिक के लिए लगाव बहुत गहरा होना चाहिए वह है तो म्यूजिक से सम्बंधित इन कौर्स में प्रवेश ले सकते हैं | ये निर्भर करता है आपके education पर कि अभी आप किस स्तर पर है |

दसवीं के बाद म्यूजिक कौर्स

Certificate in Music :
Diploma in Music
Certificate in instrument

बारहवीं के बाद म्यूजिक कौर्स
Bachelor of Music (B. Music)
BA in Music
BA (Hon) Music
BA (Hon) Shastriy Sangit, classical music

ग्रेजुएशन के बाद म्यूजिक कौर्स
Master of Music (M. Music)
MA in Music
M.Phil Music

पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद म्यूजिक कौर्स
Ph.D in Music

इसके आलावा और भी कई कौर्स हैं जो आप देश के कई विभिन्न कॉलेज जैसे

IPS Academy ( School of Fine Arts and Music, Indore)
Bhartiy Sangeet Mahavidhyalay, Gwalior
University of Mumbai (Department of Music)
Bengal Music College , Kolkata
Allahabad University (Music and Arts)
Devi Ahilya Vishwvidhyalay Indore एवं अन्य कई प्रतिष्ठित कॉलेज से कर सकते है |

प्रमुख संस्थान

बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी, वाराणसी, यूपी – विश्व-भारती विश्वविद्यालय, शान्तिनिकेतन, प. बंगाल – मुंबई यूनिवर्सिटी (डिपार्टमेंट ऑफ़ म्यूजिक), महाराष्ट्र – भारतीय संगीत महाविद्यालय, ग्वालियर – बंगाल म्यूजिक कॉलेज, कोलकाता – इलाहाबाद यूनिवर्सिटी, प्रयागराज, यूपी – देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर, मध्य प्रदेश – भारतीय कला केंद्र, दिल्ली – दिल्ली यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली

– अखिल भारतीय गांधर्व महाविद्यालय, मुंबई – पटना यूनिवर्सिटी, पटना, बिहार – भातखंडे संगीत विद्यालय, नई दिल्ली – बाबासाहेब भीमराव आम्बेडकर यूनिवर्सिटी, बिहार – बनारस यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश – इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़, छत्तीसगढ़ – अजमेर म्यूजिक कॉलेज, अजमेर – वनस्थली विद्यापीठ, वनस्थली, राजस्थान – यूनिवर्सिटी ऑफ़ कलकत्ता, वेस्ट बंगाल – दिल्ली स्कूल ऑफ़ म्यूजिक, नई दिल्ली – हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी, शिमला – जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी, जोधपुर, राजस्थान – कुरुक्षेत्र महाविद्यालय, हरियाणा

म्यूजिक के लिए सेल्फ प्रैक्टिस भी बहुत जरुरी है म्यूजिक के लिए| इसके लिए आप इन्टरनेट की मदद या अपना इंस्ट्रूमेंट पर अपने फ्री टाइम में प्रैक्टिस भी करते रहें आपके लिए जरुरी है | जितना ज्यादा आप प्रक्टिक करोगे उतनी ही सुधार आपमें आएगा और उतना ही अच्छा होगा आपके करियर के लिए |

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