महाकाल मंदिर में अब त्रिवेणी गेट से ही एंट्री, सुबह शक्तिपथ तक पहुंच गई कतार

भीड़ को देखते हुए बदली व्यवस्था, बड़ा गणेश के सामने से भी एंट्री बंद की
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। विंटर वेकेशन और न्यू इयर के कारण महाकाल मंदिर में दर्शनार्थियों की भीड़ बढ़ गई है। मंदिर में आम दर्शनार्थियों की एंट्री अब सिर्फ त्रिवेणी गेट से होगी। पहले ही दिन शनिवार को सुबह दर्शनार्थियों की कतार त्रिवेणी गेट के बाहर शक्ति पथ तक पहुंच गई।
पिछले दो दिन से रोज करीब दो लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में महाकाल मंदिर की दर्शन व्यवस्था मेें एक बार फिर बदलाव हुआ है। आम दर्शनार्थियों को अब सिर्फ त्रिवेणी द्वार से ही प्रवेश मिलेगा। जबकि शीघदर्शन दर्शनार्थी गेट नंबर 4 की जगह अवंतिका गेट से प्रवेश करेंगे। प्रोटोकाल दर्शनार्थियों के प्रवेश की व्यवस्था नीलकंठ द्वार से ही रहेगी। आम दर्शनार्थियों की एंट्री अब महाकाल लोक (त्रिवेणी) द्वार से ही दी जाए। हरसिद्धि मार्ग से होते हुए बड़ा गणेश मंदिर के सामने की एंट्री शनिवार से बंद कर दी गई है। दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए प्रमुख मार्गों पर सांकेतिक बोर्ड भी लगाए गए हैं।
महाकाल लोक मेें घूम नहीं सकेंगे
नई व्यवस्था के तहत त्रिवेणी द्वार से आम दर्शनार्थी बेरिकेड्स से होते हुए मानसरोवर भवन तक पहुंचेगे और वहां से गणेश/कार्तिक मण्डप से भगवान महाकाल के दर्शन कर लौटेंगे। ऐसे में दर्शनार्थी कतार में रहकर की महाकाल लोक का नजारा देख सकेंगे। अन्य दिनों की तरह महाकाल लोक नहीं घूम सकेंगे।
लड्डू निर्माण में 25 कर्मचारी बढ़ाए गए
लोगों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए लड्डू प्रसाद यूनिट में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई है। पहले चिंतामण स्थित लड्डू निर्माण यूनिट में 30 कर्मचारी थे जिन्हें बढ़ाकर 55 कर दिया गया है। अब दो शिफ्ट में रोज करीब 5000 किलो लड्डू तैयार किए जा रहे हैं। रागी के भी करीब 700 किलो लड्डू बनाए जा रहे हैं।
कालभैरव मंदिर पर अव्यवस्था, गार्ड के साथ मारपीट
शनिवार को काल भैरव मंदिर पर भी भीड़ का खासा दबाव रहा। यहां आम श्रद्धालुओं को कतार के जरिए तीन से चार घंटे में दर्शन हो पा रहे थे। भारी भीड़ के बीच शनिवार की सुबह मंदिर के बाहर धक्का-मुक्की और दर्शनार्थी व गार्ड के बीच मारपीट की भी जानकारी सामने आई है। मंदिर परिसर के बाहर लगे कई बैरिकेड भी लोगों ने हटाकर तितर-बितर कर दिए।









