अब SP ने यातायात की कमान ली अपने हाथों में आरटी कॉल के जरिए पुलिस कर्मियों को दिए निर्देश

साफ चेतावनी : शहर में जाम नहीं लगना चाहिए, लोग परेशान न हों
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अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। शहर की बिगड़ती जा रही यातायात व्यवस्था को सुधारने के बहुतेरे प्रयास हुए लेकिन सुधार नहीं हुआ। तंग गलियां, बढ़ती जा रही वाहनों की संख्या और लोगों का मिजाज आड़े आ रहा है। पुलिस की सुस्ती और मौके पर तैनाती न होना भी बड़ा कारण है। अब पूरी व्यवस्था सुधारने का जिम्मा पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने उठाया है।
शुक्रवार को एसपी ने आरटी कॉल पर सबसे ज्यादा इसी बात पर जोर दिया कि यातायात व्यवस्था सुधारी जाए। साफ लफ्जों में कहा कि पुष्य नक्षत्र पर आप लोग व्यवस्था बनाने में सफल नहीं रहे। लगातार फीडबैक आ रहे थे कि जाम लग रहा है। अब ध्यान रखें, बड़े त्योहार नजदीक हैं। लोगों को लगना चाहिए कि उज्जैन में पुलिस है जो लगातार काम कर रही है। हर चौराहे पर पुलिसकर्मी नजर आना चाहिए।
सिर्फ एक बार समझाते हैं
एसपी प्रदीप शर्मा के बारे में कहा जाता है कि वे किसी भी मुद्दे या विषय पर अपने मातहतों को सिर्फ एक बार समझाते हैं। जो समझ जाते हैं उनके परिणाम आने पर प्रोत्साहित भी करते हैं। परिणाम नहीं मिले तो कार्रवाई में भी देर नहीं करते। डोल ग्यारस के जुलूस के दौरान ड्यूटी देने के बजाय चाय की दुकान पर बतियाने और चुस्की लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई में देरी नहीं की।
देवासगेट टीआई की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की। महाकाल थाना में पदस्थ एक आरक्षक का जब हत्याकांड में हस्तक्षेप हुआ तो तत्काल कार्रवाई की। ऐसे कई उदाहरण हैं जिसमें पुरस्कार भी दिए और लाइन अटैच के साथ निलंबन की कार्रवाई की। गुड्डू कलीम हत्याकांड में टीम को तीस हजार का इनाम दिया।
उम्मीद कीजिए, सुधार आएगा
शहर की जनता उम्मीद पर कायम है। ‘शायद कि चांद भूल पड़े रास्ता कभी, रखते हैं इस उम्मीद पे कुछ लोग दर खुलाÓ। एसपी ने जब अपने हाथ में कमान ली है और सख्त निर्देश दिए हैं तो यकीनन शहर की यातायात व्यवस्था में बदलाव आएगा। पुलिसकर्मियों को करना कुछ नहीं है, सिर्फ तैनात रहना है। तैनाती से ही पचास प्रतिशत समस्या का समाधान हो जाएगा।
पुराने शहर में ही है ज्यादा समस्या
यातायात की समस्या सबसे ज्यादा पुराने शहर में ही है। देवासगेट से तोपखाना, इंदौर गेट से सीधे बुधवारिया, सतीगेट से गोपाल मंदिर, तेलीवाड़ा से टंकी चौक, महाकाल चौक से गोपाल मंदिर बस इतने में आधा शहर पूरा हो गया। इसमें से भी आधे स्थानों पर ही मेहनत करना है। सतीगेट से गोपाल मंदिर, कंठाल चौराहा, तेलीवाड़ा से टंकी चौक और पटनी बाजार में व्यवस्था बना दी तो समझ लीजिए यातायात व्यवस्था सुधर गई। इन्हीं इलाकों में त्योहारी सीजन में भीड़ बढ़ती है।









