अब CEO के कंट्रोल में सिटी बस का स्टेयरिंग

सरकार के आदेश पर इंदौर के प्रहलाद यादव पदस्थ
अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:नगर निगम प्रशासन द्वारा उज्जैन सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (यूसीटीसीएल) के माध्यम से चलाई जा रही 25 सिटी बसें सरकार के लिए मुसीबत का विषय बन गई हैं। बसों का संचालन बेहतर करने के लिए यूसीटीसीएल का स्टेयरिंग कंट्रोल अब सीईओ प्रहलाद यादव के हाथ सौंप दिया गया है। राज्य सरकार के आदेश पर सिटी बसों के संचालन के लिए यूसीटीसीएल में लंबे समय से खाली पड़े सीईओ पद पर नियुक्ति की गई है।
महापौर मुकेश टटवाल ने भी इसकी स्वीकृति दे दी है। जल्द ही नए सीईओ ज्वाइन कर सिटी बसों का नियंत्रण अपने हाथ में ले लेंगे। दरअसल, निगम द्वारा इलेक्ट्रिक बसें और ई बाइक चलाने की भी योजना है। अभी उपनगरीय बसों सहित शहर में 25 बसों का संचालन यूसीटीसीएल के माध्यम से किया जा रहा है, लेकिन निगम को इससे मुनाफा कम हो रहा। पहले आई कई बसें भंगार हो चुकी हैं। सरकार की कोशिश है कि इन स्थितियों पर कंट्रोल किया जाए। हाल ही यूसीटीसीएल में इंदौर के प्रहलाद यादव की पदस्थापना की गई है।
पहले कैबिन अच्छा बनाओ…
सीईओ का काम संभालने से पहले ही यादव ने अपने तेवर निगम को साफ कर दिए हैं। उन्होंने निगम अधिकारियों से कहा पहले कैबिन अच्छा कराओ, तब काम बेहतर अच्छा हो सकेगा। निगामायुक्त के निर्देश पर करीब 2 लाख रुपए खर्च कर सीईओ कैबिन को सुंदर बनाया जा रहा है।
सिर्फ ढाई हजार रुपए की कमाई
बस ऑपरेटर द्वारा निगम को महज ढाई हजार रुपए प्रति माह दिए जा रहे हैं। इसकी पुष्टि करते हुए परिवहन समिति के प्रभारी कैलाश प्रजापत ने बताया इससे टाइम कीपर आदि कर्मचारियों की तनख्वाह मुश्किल से निकल पाती है।
गाड़ी दे दी पर टायर नहीं दिए
वर्तमान में जो ऑपरेटर बस चला रहा, उसे भी कई मुश्किलों से जूझना पड़ रहा। बसों के संचालन से केवल 29 हजार रुपए की मासिक आय हो रही जबकि टैक्स हर माह 20 हजार रुपए प्रति बस का भरना पड़ रहा। निगम ने उसे बसों के टायर उपलब्ध कराने का वादा किया था, लेकिन एक साल बाद भी टायर उपलब्ध नहीं कराए गए। ऑपरेटर अब बार बार पत्र लिखकर निगम अधिकारियों से कह रहा बसें वापस ले लीजिए।
स्वीकृति दी है….यूसीटीसीएल में नियुक्ति की प्रक्रिया पहले से चल रही थी। इसकी स्वीकृति दी है। मुकेश टटवाल, महापौर









