सड़क 80 फीट चौड़ी करने की खिलाफत

उदयन मार्ग के रहवासियों ने बैठक में तय किया कि क्षेत्र के विधायक मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताएंगे समस्या
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सांदीपनि चौराहे से उद्यन मार्ग तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण के विरोध में क्षेत्रवासी अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात करेंगे और समस्या बताएंगे। लोगों का कहना है कि सीएम ही हमारे क्षेत्र के विधायक हैं। वे ही हमारी समस्या का हल भी निकालेंगे।

यह निर्णय क्षेत्रवासियों ने मंगलवार सुबह मंगल भवन में बैठक में लिया है। गौरतलब है कि सांदीपनि चौराहे से उदयन मार्ग तक की सड़क को प्रशासन 82 फीट चौड़ा करना चाहता है। इसका निर्णय नगर निगम भी ले चुकी है। रहवासी इसी के विरोध में हैं। लोगों का कहना है कि यह मार्ग पहले से ही करीब 60 फीट चौड़ा है, इसे और चौड़ा करने की जरूरत नहीं है। अगर अतिक्रमण ही हटा दिया जाए तो काफी जगह बन जाएगी।
बैठक में क्षेत्रवासियों ने सांसद अनिल फिरोजिया को भी आमंत्रित किया था लेकि व्यस्तता के चलते वह नहीं आ सके। उनके प्रतिनिधि अनिल जाट बैठक में शामिल हुए। क्षेत्रीय पार्षदगण बालकृष्ण पटेल (वार्ड 42) और सुनील चावंड (वार्ड 43) भी बैठक में मौजूद थे। बैठक में तय किया गया कि क्षेत्र के विधायक व सीएम डॉ. मोहन यादव से मिलकर सभी क्षेत्रवासी अपनी समस्या बताएंगे और चौड़ीकरण के नाम पर प्रशासनिक अमले की मनमानी से मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे। योजना के विरोध में शुक्रवार को क्षेत्रवासियों ने लक्ष्मी नगर चौराहे पर एकत्रित होकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया और इसके बाद प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। सभी व्यापारियों ने इस दिन अपने प्रतिष्ठान भी बंद रखे थे।
निगम सभापति से भी की मुलाकात
क्षेत्रवासियों ने एक दिन पहले सोमवार शाम को निगम सभापति कलावती यादव से भी मुलाकात की थी और समस्या के बारे में बताया था। उन्होंने भी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा का आश्वासन दिया है। बैठक में अरविंद वर्मा, जीवंधर जैन, अरविंद चौरसिया, दिनेश पाटीदार, रमन जायसवाल, प्रदीप मित्तल, एडवोकेट हेमंत दिल्लीवाल, डॉ. अंशुल गुप्ता, ओमप्रकाश शुक्ला, नरेंद्र व्यास, सतीश जाधव, सत्येंद्र कठियार सहित कई लोग मौजूद थे।
रहवासियों का कहना है कि चौड़ीकरण की जरूरत नहीं
यह मार्ग पहले ही 60 फीट चौड़ा है। इतना ट्रैफिक नहीं है कि इसे और चौड़ा करना पड़े।
मार्ग से अतिक्रमण हटा दिया जाए तो भी काफी जगह निकल आएगी।
चौड़ीकरण में जानबूझकर पक्के मकानों को निशाना बनाया जा रहा है। सड़क के दूसरी ओर काफी खाली जमीन है, उसे अधिग्रहित कर भी सड़क चौड़ी की जा सकती है।
सेठीनगर चौराहा अतिव्यस्त है। यहां दोनों ओर वाहन व्यवस्थित कर ट्रैफिक व्यवस्थित कर दिया जाए तो जाम की स्थिति नहीं बनेगी।
मार्ग पर वर्षों पुराने मंदिर स्थित हैं। चौड़ीकरण से मंदिरों को क्षति होगी।
सिंहस्थ क्षेत्र से इसकी दूरी लगभग 20 किमी है। यहां कोई घाट या मुख्य धार्मिक पड़ाव नहीं है, फिर भी इसे सिंहस्थ के नाम पर चौड़ा करना समझ से परे है।
अफसरों की गाडिय़ां फंसती हैं, इस कारण रोड निशाने पर
उदयन मार्ग और कोठी के आसपास प्रशासनिक संकुल में जिले/संभाग के प्रमुख अधिकारियों के निवास व कार्यालय हैं। दिनभर अधिकारियों के वाहन यहां से गुजरते हैं। जो सेठी नगर चौराहे पर यातायात के अत्यधिक दबाव के कारण अक्सर ट्रैफिक में फंसते हैं। इस कारण सिंहस्थ विकास कार्यों के चौड़ीकरण में यह रोड भी जुड़ गया। हालांकि प्रशासन का दावा है कि विक्रम नगर स्टेशन के यात्रियों को यहां से निकाला जाएगा, इस कारण रोड चौड़ा किया जाना उचित है।









