‘हमारी सरकार और हमें ही पानी नहीं दे पा रहे…’

पेयजल को लेकर हाहाकार, एमआईसी सदस्यों का फूटा गुस्सा, पानी नहीं मिला तो सड़क पर उतरेंगे भाजपा जनप्रतिनिधि
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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन गंभीर डेम में पर्याप्त पानी होने के बाद भी उज्जैन शहर में पेयजल को लेकर उठा संकट गहरा गया है। जलप्रदाय व्यवस्था को लेकर भाजपा के ही जनप्रतिनिधियों का आक्रोश फूट पड़ा। गुरुवार सुबह एमआईसी सदस्यों के साथ रहवासी क्षीरसागर पानी की टंकी पर जमा हुए। जलकार्य समिति अध्यक्ष ने पीएचई अधिकारियों से तल्ख लहजे में कहा हमारी सरकार है और हम ही शहर में लोगों को पानी नहीं दे पा रहे। गंभीर डेम पर इंटेकवेल के ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद से जलप्रदाय व्यवस्था गड़बड़ा गई है।
उज्जैन उत्तर और दक्षिण क्षेत्र में सुबह की जगह शाम और रात के समय जलप्रदाय करना पड़ रहा है। क्षीरसागर क्षेत्र में पानी की टंकियां न भर पाने के कारण लोगों को पानी ही नहीं मिल पा रहा है। हाल ये हैं कि कुछ जगह केवल 10 मिनट ही नल चल पा रहे। शहर में 40 डिग्री से अधिक तापमान की गर्मी के कारण लोग परेशान हैं और पानी नहीं मिल पाने से उनकी नाराजगी बढ़ती जा रही है।
परेशान लोग गुरुवार सुबह क्षेत्रीय पार्षद और एमआईसी सदस्य योगेश्वरी राठौर के घर पहुंचे और शिकायतों की झड़ी लगा दी। नाराज राठौर सभी के साथ क्षीरसागर स्थित पानी की टंकी पर उद्यान में पहुंची और पीएचई अधिकारियों पर नाराजी जताई। जल कार्य समीति के प्रभारी प्रकाश शर्मा और पीएचई के कार्यपालन यंत्री एनके भास्कर भी तत्काल मौके पर पहुंचे और मामले को शांत कराया।
मेरे यहां रात 1 बजे पानी आया, ये कौनसी सप्लाई
जलकार्य समिति प्रभारी शर्मा ने ईई से कहा मेरे यहां कल रात एक बजे पानी आया। मैंने खुद रात एक बजे नल बंद किया। ये कौनसी सप्लाई है। तमाशा बना रखा है तुमने। कुप्रबंधन हो रहा है, पानी की बर्बादी हो रही है। जनता की परेशानी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। सरकार हमारी, बदनामी हमारी है। हम 24 घंटे पानी पिलाने की बात कर रहे, आप एक घंटे नहीं पिला पा रहे हो। आपको क्या करना है, ये आज तय कर लो। आज आखिरी अल्टीमेटम है आपको नहीं तो कल से प्रकाश शर्मा सड़कों पर दिखेगा।
जलकार्य समिति अध्यक्ष शर्मा ने ईई भास्कर से कहा
आदर्श आचार संहिता के नाम पर कुछ भी हो रहा…अभी हमारे हाथ बंधे हुए हैं
आचार संहिता के नाम पर कुछ भी हो रहा है…। अभी आचार संहिता के कारण हमारे हाथ बंधे हैं।
सरकार इतनी मोटी मोटी तनख्वाह देती है, किसलिए देती है? क्यों सहायक यंत्री बनाए गए हैं, क्यों टंकी प्रभारी बनाए गए हैं?
जब से आचार संहिता लगी है तबसे सिवाय पब्लिक की परेशानी के कुछ नहीं हो रहा है।
हमारे पास पर्याप्त समय था, पर्याप्त पानी है, पूरी क्षमता है फिर क्यों पानी नहीं मिल रहा?
ऐसा क्यों नहीं हो पा रहा कि कौनसी टंकी कब भरी जाएगी, कब कहां पानी दिया जाएगा?
कई कॉलोनियों में पानी नहीं पहुंचा
बुधवार शाम को दक्षिण क्षेत्र में पेयजल प्रदाय किया गया। इसके साथ उत्तर क्षेत्र के वार्ड 3,4,5 और 6 में भी जलप्रदाय किया गया लेकिन रात तक इसके लिए पीएचई कर्मचारी जूझते रहे। इसके बाद भी बाफना पार्क, पुष्पांजलि नगर, प्रेमनगर, विराट नगर, दुर्गा नगर, तिरुपति एवेन्यू आदि जगह पीने का पानी सप्लाई नहीं हो सका।
गंभीर डेम में पानी है फिर टंकियां क्यों नहीं भर पा रहे
एमआईसी सदस्य राठौर ने कहा गंभीर डेम में अभी तो पानी है फिर टंकियां क्यों नहीं भर पा रहे। लोग गर्मी के दिनों में पेयजल को लेकर परेशान हो रहे और पीएचई तीन चार दिनों से व्यवस्था पर नियंत्रण ही नहीं कर पा रहा है। राठौर ने पीएचई ईई भास्कर से कहा क्षेत्र के लोगों को पानी नहीं मिला तो अच्छा नहीं होगा, उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ेगा।
जलकार्य समिति प्रभारी शर्मा का गुस्सा भी इस मौके पर फूट पड़ा। उन्होंने कहा प्रदेश में हमारी सरकार है और हम ही लोगों को पेयजल ठीक से नहीं दे पा रहे। ईई भास्कर ने कहा आज शाम तक वे सभी टंकिया भरा देंगे। हालांकि उन्होंने बुधवार को दावा किया था कि गुरुवार सुबह से उत्तर क्षेत्र में पेयजल प्रदाय टंकियां भरवाकर वितरण व्यवस्था सामान्य करा देंगे।
इसलिए नहीं सुधर रही सप्लाई व्यवस्था…?
दरअसल, इंटेकवेल के ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद से जल वितरण व्यवस्था गड़बाई हुई है। उत्तर और दक्षिण क्षेत्र में शाम के समय जलप्रदाय करना पड़ रहा है। दक्षिण की टंकियां भरने के कारण उत्तर क्षेत्र की टंकियां खाली रह जाती हैं और फिर पानी ठीक से सप्लाई नहीं हो पा रहा। जानकारों का कहना है कि एक दिन पूरे क्षेत्र में सप्लाई बंद रखने पर ही स्थिति नियंत्रण में आ सकती है।