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Physiotherapy में बना सकते है अपना करियर

फिजियोथेरेपी एक चुनौतीपूर्ण प्रोफेशन है। इसमें भारत या विदेश में काम करने के लिए कैरियर ऑप्शन की भरमार है। एक फिजियोथेरेपिस्ट की नौकरी में प्रोफेशनल्स के लक्षण होते हैं जो प्रीवेंटिव, रेस्टोरेटिव और रिहैबिलेटिव के रूप में काम करता है। वह हेल्थ सेंटर या वैलनेस सेंटर में ट्रेनर के रूप में अपनी भू्मिका निभाता है। इसके अलावा अपने सामने की परिस्थितियों के आधार पर विभिन्न रोल में अपनी सेवाएं देता है। जानें फिजियोथेरेपी में करियर और डिमांड के बारे में।

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जल्दी शुरू करें

फिजियोथेरेपी किसी भी गेम या स्पोर्टस की तरह है। देर से शुरू करने वालों की तुलना में जल्दी शुरुआत के फायदे हैं, इसलिए यदि आप एक फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में काम करना चाहते हैं तो कम उम्र में ही इसकी शुरुआत करें। एक शेप और फ्लैक्सिबल बॉडी बनाने के लिए जल्दी शुरू करना फायदेमंद होता है।

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मानव शरीर रचना विज्ञान और हड्डियों, मांसपेशियों और नर्व के बारे में जानना शुरू करें – यह आपको बाद के स्टेप्स में सब्जेक्ट को समझने में मदद करेगा। बाद में आप पेडियाट्रिक, जिरियाट्रिक, ऑर्थोपडिक्स, स्पोर्ट्स फिजिकल थेरेपी, न्यूरोलॉजी, इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी और कार्डियो पल्मोनरी चिकित्सा आदि सहित किसी भी क्षेत्र में विशेषज्ञ हो सकते हैं।

वेतन

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फिजियो थेरेपी में योग्यता रखने वाले छात्रों को नौकरी पाने के लिए कम्यूनिकेश्न, क्रिटिकल थिंकिंग स्किल और टीम वर्क जैसे सॉफ्ट स्किल्स की भी आवश्यकता होती है। फिजियोथेरेपी में ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद एक व्यक्ति 5000 से 10,000 तक वेतन कमा सकता है। हालांकि वेतन पैकेज अलग-अलग कंपनी में भिन्न होता है। साथ ही कैंडिडेट ने किस कॉलेज से कोर्स किया है इस पर भी निर्भर करता है। शुरुआत में वेतन पैकेज कम होता है लेकिन अनुभव के बाद बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।

डिमांड

भारत में फिजियोथेरेपिस्ट की कमी है। क्योंकि लोगों में इस पेशे के स्कोप और प्रोस्पेक्टस के बारे में ज्यादा जागरूकता नहीं है। इसके अलावा, फिजियोथेरेपिस्ट में क्वालिटी एजुकेशन के इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी भी एक महत्वपूर्ण कारण है। एक बार जब मेन स्ट्रीम में इस प्रोफेशन के बारे में जागरूकता फैल जाए, तो इसकी मांग वर्तमान की अपेक्षा कहीं ज्यादा होगी।

मार्केट वॉच

जैसे-जैसे विभिन्न हेल्थ सेंटर, फिटनेस सेंटर, वैलनेस सेंटर, स्पा आदि बड़े पैमाने पर सामने आ रहे हैं, फिजियोथेरेपी में करियर की संभावनाएं पॉजिटिव दिख रही हैं। फिजियोथेरेपी में अपना कोर्स पूरा करने के बाद छात्रों को मैमथ रिसॉर्ट्स यूएसए, ताज ब्लू डायमंड, सन एंड सैंड्स, एंबेसडर अजंता, मगरपाटा क्लब एंड रिसॉर्ट्स और कई अन्य सहित टॉप ब्रांडों से ऑफर लेटर मिलते हैं। प्रमुख रिक्रूटर्स हॉस्पिटल हैं जो अल्टरनेटिव मेडिकल सर्विस देने का प्रयास करते हैं। फिजियोथेरेपी विभिन्न बीमारियों को ठीक करने के लिए सबसे उपयुक्त और सफल अल्टरनेटिव मैथ्ड में से एक है।

रोजगार की संभावनाएं

मशीनीकरण और डेस्क लाइफस्टाइल के कारण, लोगों को मस्कुलर स्केलेटल प्रॉब्लम का सामना करना पड़ता है, जिसमें पीठ दर्द, कंधे और गर्दन में अकड़न, घुटने के पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस आदि शामिल हैं। डिसऑर्डर को ठीक करने में, फिजियोथेरेपिस्ट मेन स्ट्रीम के डॉक्टरों के लिए बहुत बेहतर काम करते हैं। फिजियोथेरेपी को एक हेल्थ प्रोफेशन माना जा सकता है जिसे परेशानी को ठीक करने के तरीके के रूप में लागू करके मोबिलिटी और जीवन की क्वालिटी को बेहतर किया जाता है।

फिजिकल थेरेपिस्ट के पास अस्पतालों, नर्सिंग होम, रेसीडेंशियल होम, रिहैबिलिटेशन सेंटर, प्राइवेट ऑफिसों जैसे प्राइवेट प्रैक्टिस या प्राइवेट क्लीनिक आदि में नौकरी के पर्याप्त विकल्प हैं। इसके अतिरिक्त, फिजियोथेरेपी में योग्यता वाले कैंडिडेट आउट पेशेंट क्लीनिक, कम्युनिटी हेल्थ केयर सेंटर, हेल्थ क्लब, स्पेशल स्कूल और सीनियर सिटिजन सेंटर आदि में काम कर सकते हैं। इसके अलावा विभिन्न स्पोर्ट्स सेंटर, टीचिंग, विदेशों में काम करने वाले विभिन्न कंपनियों आदि के साथ काम कर सकते हैं।

इंस्टीट्यूट

भारत में कई फिजियोथेरेपी कॉलेज और संस्थान हैं जो बैचलर और मास्टर डिग्री कोर्स कराते हैं। भारत में टॉप 10 फिजियोथेरेपी कॉलेज इस प्रकार हैं:

  • पं. दीन दयाल उपाध्याय इंस्टीट्यूट फोर फिजिकली हैंडीकैप्ड
  • स्कूल ऑफ फिजियोथेरेपी, एस एस जी हॉस्पिटल
  • अपोलो कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी
  • निजाम्स इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एजुकेशन एंड रिसर्च
  • पटना मेडिकल कॉलेज
  • अमर ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ फिजियोथेरेपी
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एजुकेशन एंड रिसर्च
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजियोथेरेपी एंड कम्यूनिकेशन डिसऑर्डर

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