चायना डोर की तलाश में फिर तोपखाना पहुंची पुलिस

दुकानों के अंदर घुसकर तलाशी ली, दुकानदारों से कहा- प्रतिबंधित डोर मिली तो कार्रवाई होगी
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। मकर संक्रांति पर्व में अभी भले ही एक माह से ज्यादा का वक्त शेष हो लेकिन पुराने शहर के कुछ इलाकों में पतंगबाजी शुरू हो गई है। छतों पर काटा है का शोर गूंजने लगा है लेकिन इन सबके बीच प्रतिबंध के बावजूद चायनीज डोर के इस्तेमाल से एक युवक का गला कट गया जिसने शहरवासियों की सुरक्षा पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हालांकि, इस घटना के बाद महाकाल पुलिस ने एक्शन लेते हुए तोपखाना क्षेत्र स्थित पतंग दुकानों की जांच की और हरिफाटक ब्रिज के चारों ओर लोहे के तार बांधे ताकि डोर सड़क तक ना आए और वहां से रहने वाले लोग सुरक्षित रह सकें। बुधवार को फिर पुलिस बीडीडीएस टीम के साथ तोपखाना इलाके में पहुंची और चायना मांझे की जांच की। इस दौरान दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी कि इसे ना बेचें। किसी ने भी इसे बेचा तो वह कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
दरअसल, देवास रोड के गणेशनगर निवासी विपुल महिवाल 8 दिसंबर को बाइक से हरिफाटक ब्रिज से गुजर रहा था तभी चायना डोर उसके गले में उलझ गई। रफ्तार कम होने के बावजूद विपुल का गला कट गया और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। इलाज के बाद विपुल ने एसपी प्रदीप शर्मा से चायना डोर बेचने और इस्तेमाल करने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। इसी के बाद महाकाल पुलिस एक्शन में आकर तलाशी अभियान चल रही है। पुलिस का कहना है कि मौत की इस डोर के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी ताकि संक्रांति पर्व सुरक्षित तरीके से मनाया जा सके।
प्रतिबंध के बावजूद हो रहा इस्तेमाल
हर साल की तरह इस साल भी कलेक्टर ने इस डोर को बेचने, भंडारण और इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी है। बावजूद चोरी-छिपे इसका इस्तेमाल जारी है। इसकी बड़ी एक वजह यह भी है कि ऑनलाइन यह डोर आसानी से उपलब्ध है। ऐसे में हादसों की आशंका हमेशा बनी रहती है। आपको बता दें कि १५ जनवरी २०२२ को जीरो पॉइंट ब्रिज से गुजरते हुए छात्रा नेहा आंजना की गल कटने से मौत हो गई थी।










