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घर के बाहर खेल रहा 4 साल का मासूम गुम, 30 मिनट में पुलिस ने खोज निकाला

दो थाने, दो केस, दोनों में पुलिस बनी ‘सहारा’

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माता-पिता ने जताई थी अपहरण की आशंका, बडऩगर थाने का मामला

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। जिले की बडऩगर तहसील में शुक्रवार को बडऩगर पुलिस ने अपनी तत्परता का उदाहरण पेश किया। किडनैपिंग की सूचना पर एक्शन में आई पुलिस ने एक घर के चिराग को ३० मिनट के अंदर ढूंढकर माता-पिता के हवाले कर दिया। कलेजे के टुकड़े को वापस पाकर मां की आंखों से आंसू छलक पड़े और दंपत्ति ने पुलिस के प्रति गहरा आभार जताया। बडऩगर टीआई अशोक कुमार पाटीदार ने बताया शुक्रवार को आवेदक राकेश पिता श्यामदास बैरागी (40) निवासी मोहनपुरा पत्नी शकुंतला के साथ बदहवास हालत में थाने पहुंचा था।

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उसने बताया कि उसका 4 साल का बेटा ओमनारायण घर के बाहर मोबाइल से खेल रहा था जो अब नहीं मिल रहा है। संभवत: उसे कोई उठाकर ले गया। किडनैपिंग की आशंका पर पुलिस एक्शन में आई और मासूम को ढूंढने के लिए दो टीमें बनाई गईं। दोनों टीमों ने महज 30 मिनट के अंदर मासूम ओम को घर के पास से ही ढूंढ निकाला। इस दौरान वह मोबाइल से खेलता मिला।। इसके बाद उसे माता-पिता के हवाले कर दिया गया। बेटे को सही-सलामत पाकर माता-पिता भावुक हो गए और उनकी आंखें नम हो गईं। उन्होंने बडऩगर पुलिस को दिल से धन्यवाद दिया।

इधर, महाकाल पुलिस ने ढूंढकर लौटाया बैग

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इधर, महाकाल दर्शन के लिए भोपाल से आए रामचंद्र अहिरवार प्रसाद दुकान पर अपना बैग भूल गए। करीब चार से पांच घंटे तक वह बैग के लिए परेशान होते रहे लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद वह जैसे-तैसे महाकाल थाने पहुंचे और टीआई गगन बादल को अपनी परेशानी बताई। टीआई ने तत्काल सीनियर सिटीजन की मदद का जिम्मा एएसआई चंद्रभानसिंह चौहान और टीम को सौंपा। इसके बाद एएसआई चौहान ने बुजुर्ग श्रद्धालु से जानकारी ली और उन्हें अपनी बाइक पर बैठाकर संभावित स्थानों पर पहुंचे। करीब 1 घंटे की मशक्कत के बाद आखिरकार वह प्रसाद की उस दुकान पर पहुंच गए, जहां अहिरवारका बैग छूटा था। यहां बैग सुरक्षित था, जिसे देखकर श्रद्धालु के चेहरे पर भी मुस्कान आ गई। उन्होंने महाकाल पुलिस को धन्यवाद दिया और रवाना हो गए।

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