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उज्जैन के कार्तिक मेले पर राजनीतिक टकराव, अधर में पड़ा नया नक्शा

अब पुराने नक्शे के अनुसार मेला लगने के आसार

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उज्जैन। महाकाल नगरी उज्जैन में शिप्रा नदी किनारे हर साल आयोजित होने वाले कार्तिक मेले को इस बार नए नक्शे के अनुसार आयोजित करने को लेकर राजनीतिक टकराव इतना गहरा गया कि मेले को लेकर निगम परिषद सम्मेलन में कोई चर्चा ही नहीं हो सकी। इस कारण दुकानों के टेंडर की प्रक्रिया भी अभी रोक दी गई है।

कार्तिक मेला अगले माह 14 नवंबर से आयोजित होना है। यह पूरे एक माह तक चलेगा। मेले में लगने वाली दुकानों के टेंडर ही नहीं लगाए जा सके हैं। मेला पुराने नक्शे के अनुसार लगेगा या नए नक्शे के अनुसार, इसको लेकर भी स्थिति साफ नहीं हो सकी है। दरअसल, निगम अधिकारियों ने नए नक्शे के अनुसार मेला लगाने में असहमति जताई है, क्योंकि यह नीतिगत मामला है।

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इस पर सदन को फैसला लेना है, लेकिन शुक्रवार को आयोजित हुए निगम परिषद सम्मेलन ने सिंगल लाइन का प्रस्ताव भी पेश नहीं हो सका, इस पर कोई चर्चा की गई। दरअसल, महापौर परिषद इसे नए नक्शे के अनुसार आयोजित करने की तैयारी कर रही है, लेकिन निगम की आंतरिक राजनीति के चलते इस प्रस्ताव पर टकराव की स्थिति बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार अब सदन की स्वीकृति की प्रत्याशा में नए नक्शे के अनुसार कार्तिक मेले के आयोजन को लेकर ही कोई निर्णय हो सकता है।

ऐसा न होने पर पुराने नक्शे के अनुसार ही मेला आयोजित किया जा सकेगा। एक दो दिन में इसको लेकर स्थिति साफ हो सकती है। हालांकि निगम प्रशासन मेले के आयोजन को लेकर आदेश जारी कर चुका है। दूसरी ओर दुकानों के टेंडर अभी जारी नहीं किए गए हैं। मेले के झमेले में निगम प्रशासन ने अन्यकर विभाग के अधिकारी को ही बदल दिया है। पहले यह दायित्व उपायुक्त योगेंद्र पटेल के पास था, लेकिन चार दिन पहले इसमें बदलाव कर पटेल की जगह संजेश गुप्ता को यह दायित्व सौंपा गया है।

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नया प्रस्ताव और निगम में टकराव

कार्तिक मेले में इस बार नक्शा बदलकर दुकानों को रोड पर और झूलों को शिप्रा नदी किनारे लगाने की योजना बनाई गई। ठ्ठ महापौर मुकेश टटवाल ने इसको लेकर निगम परिषद में प्रस्ताव रखने के लिए अधिकारियों को नोटशीट लिखकर निर्देश दिए थे। ठ्ठ निगम सम्मलेन का एजेंडा तय करने का अधिकार महापौर का होता है, किन्तु महापौर की नोटशीट चलने के बाद भी प्रस्ताव न शामिल होना चर्चा का विषय बना हुआ है। ठ्ठ इस मामले को निगम की आंतरिक राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

कार्तिक मेला नए नक्शे के अनुसार आयोजित करने की हमारी तैयारी पूरी है। प्रशासन जो निर्णय लेगा, उसके अनुसार काम काम करेंगे। -रजत मेहता, सदस्य राजस्व समिति

कार्तिक मेले का आयोजन करने के लिए आदेश जारी हो चुका है, लेकिन नए नक्शे के अनुसार होगा या नहीं मुझे जानकारी नहीं।
-योगेन्द्र पटेल, उपायुक्त

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