महाकाल में नववर्ष से ड्रेस में दिखेंगे पुजारी

सुरक्षा, अनुशासन और अनावश्यक लोगों को मंदिर से हटाने के लिए उठाया कदम
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। नए साल 1 जनवरी 2026 से महाकाल मंदिर में एक महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू होने जा रही है। अब महाकाल के पुजारी-पुरोहितों और उनके प्रतिनिधियों के लिए ड्रेस कोड अनिवार्य किया जाएगा। मंदिर समिति यह कदम सुरक्षा, अनुशासन और अधिकृत व्यक्तियों की अलग पहचान सुनिश्चित करने के लिए उठा रही है। इसके साथ ही, सभी को आईडी कार्ड पहनना भी जरूरी होगा। सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया कि मंदिर परिसर में सेवा देने वाले सभी अधिकृत लोग—चाहे वे कर्मचारी हों, पुजारी, पुरोहित या उनके सहायक—सभी के लिए ड्रेस कोड और आईडी कार्ड अनिवार्य किया जाएगा। ड्यूटी के दौरान सभी को आईडी कार्ड पहनना आवश्यक होगा।
नई व्यवस्था से अनाधिकृत पर रोक लगेगी
नई व्यवस्था के तहत सभी एक निर्धारित पोशाक (ड्रेस कोड) में नजर आएंगे। इससे अनाधिकृत लोगों पर रोक लगेगी। महाकाल में वर्तमान में 16 रजिस्टर्ड पुजारी, 22 पुरोहित व 45 प्रतिनिधि हैं। अब तक इनके लिए कोई तय ड्रेस कोड नहीं था। कई बार ऐसे लोग पुजारी बनकर मंदिर परिसर में प्रवेश कर लेते हैं, जो मंदिर के अधिकृत व्यक्ति नहीं होते, जिससे व्यवस्था और सुरक्षा प्रभावित होती है। उन्होंने कहा, इस नई व्यवस्था से ऐसी स्थिति पर रोक लगेगी और मंदिर की गरिमा बनी रहेगी। ड्रेस कोड और आईडी सिस्टम से व्यवस्था में सुधार होगा और श्रद्धालुओं को भी बेहतर अनुभव मिलेगा।
अगले 15 दिन में अधिकतर निर्माण पूरे करने पर जोर: न्यू इअर पर महाकाल मंदिर में आने वाली लोगों की भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन अगले 15 दिन यानी 25 दिसंबर के पहले मंदिर में ल रहे अधिकतर निर्माण कार्यों को पूरा करने पर जोर दे रहा है। सोमवार शाम को प्रशासक प्रथम कौशिक ने नए साल पर की जाने वाली दर्शन व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों को 25 तक अधिकतर काम पूरे करने के निर्देश भी दिए। न्यू इयर की छुट्टियों के कारण 25 दिसंबर से मंदिर मेें हजारों दर्शनार्थियों के आने की संभावना है। इन्हें समय पर सुलभ दर्शन हो इसके लिए मंदिर प्रशासन व्यवस्थ बनाने में जुटा है। मंदिर में सफाई, शौचालय, पेयजल, पार्किंग के पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं।
ये ड्रेस रहेगी
पंडे पुजारियों को सोला पहनना होगा। सोला का कलर एक-दो दिन में तय हो जाएगा। सहायक कुर्ता-पायजामा पहनेंगे।
कर्मचारी मंदिर की यूनिफॉर्म में रहेंगे।
सुरक्षा गार्ड एजेंसी द्वारा तय यूनिफॉर्म पहनेंगे।
ड्यूटी पर मौजूद सभी को आईडी कार्ड पहनना जरूरी होगा।









