किसानों की प्रगति ही देश का विकास: प्रो. गोयल

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सिर्फ भारतीय संविधान के निर्माता नहीं बल्कि एक समाज वैज्ञानिक, अर्थशास्त्री और प्रगतिशील विचारक भी थे। उनकी किताब स्मॉल होल्डिंग इन इंडिया में वर्णित किसानों की समस्याएं आज भी प्रासंगिक हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe
यह बात डॉ. बीआर अंबेडकर सामाजिक विज्ञान विवि, महू के समाज वैज्ञानिक और डीन प्रो. सुनील गोयल ने बाबा साहेब के 68वें महापरिनिर्वाण दिवस पर डॉ. आंबेडकर पीठ व कृषि विज्ञान अध्ययनशाला में अयोजित डॉ. अंबेडकर स्मृति व्याख्यानमाला में कही। विशिष्ट अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला न्यायालय के मध्यस्थ एसएस नारंग ने कहा डॉ. आंबेडकर ने अर्थशास्त्र के क्षेत्र में डॉक्टरेट किया।
उन्होंने मौद्रिक, राजकोषीय, कृषि अर्थशास्त्र में विशेषज्ञता थी। विक्रम विवि के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने कहा बाबा साहेब विपुल प्रतिभा के धनी, सामाजिक पुरोधा, समरसता के प्रतीक दृष्टि सम्पन्नता का व्यक्तित्व रहा। स्वागत भाषण आचार्य प्रो. सत्येंद्र किशोर मिश्र ने दिया। संचालन सहायक प्राध्यापक डॉ. निवेदिता वर्मा ने किया।
आभार कृषि विज्ञान अध्ययनशाला के विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश टेलर ने माना। डॉ. पुष्पेंद्र घोष, डॉ. प्रभुदयाल, डॉ. शोभा मालवीय, डॉ. रंजना जनबंधु, डॉ. प्रगति निगम, डॉ. कविता यदुवंशी, डॉ. पंकज डुगे, डॉ. अनिरुद्ध यादव आदि उपस्थित थे। अंकुर टिटवानिया, चंदा बाई का विशेष सहयोग रहा।









