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एसआईआर पर सवाल, फार्म 7 से आया राजनैतिक उबाल

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। एसआईआर में फार्म-7 के दुरुपयोग से संबंधित शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। फार्म-7 यानी मतदाता सूची में शामिल नामों पर आपत्ति दर्ज कराना। कई ऐसे मामले सामने आए जिनमें आपत्तिकर्ताओं ने 50 से 200 नामों तक की सूची हटाने के लिए दी है। जबकि जिनके नाम पर आपत्तियां ली गई वे आपत्तिकर्ता को पहचानते तक नहीं। नागदा का व्यक्ति खाचरौद के मतदाता के नाम पर आपत्ति ले रहा है, बोहरा बाखल में जिसे कोई पहचानता तक नहीं, वह 200 से ज्यादा बोहरा मतदाताओं के नाम गलत जोडऩा बता रहा है। एक गांव का व्यक्ति अपने गांव से 10 किलोमीटर दूर बसे गांव के मतदाताओं के नाम पर आपत्ति ले रहा है। शहर में तो एक वर्तमान पार्षद के ही नाम पर आपत्ति लेकर बता दिया गया कि वे मतदाता सूची के पते पर रहती ही नहीं है।

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एसआईआर के ऐसे भी मामले

1- वार्ड 23 के इब्राहिमपुरा बाखल (कलालसेरी) में शिव शंकर भट्ट व अन्य लोगों ने मतदाता सूची के 297 नामों पर आपत्ति ली है। बताया कि यह लोग यहां रहते ही नहीं है। बाखल वाले भट्ट को जानते तक नहीं हैं।

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2- गोपाल मावर नागदा के निवासी हैं। इनके नाम से खाचरौद के वार्ड 4 में 150 मतदाताओं के नाम पर आपत्ति दर्ज कराई गई है।

3- झारड़ा के काचरिया में विशालसिंह ने 20 मतदाताओं के नामों पर आपत्ति ली है। विशाल सिंह का मोबाइल नंबर एक महिला पटवारी के नाम है।

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4- काचरिया में जितेंद्रसिंह ने फार्म 7 भरकर 12 नामों पर आपत्ति ली है। जितेंद्र 10 किमी दूर पाडलिया में रहते हैं।

5- उज्जैन के वार्ड 27 में पार्षद रूखसाना बी के नाम पर फार्म 7 जमा करा दिया है। बताया है वे वार्ड में नहीं रहती हैं।

फार्म-7 भरना नाम कटना नहीं: फार्म-7 भरना मतदाता सूची से नाम कटना नहीं है, यह एक तरह की आपत्ति है। आपत्ति मिलने पर ईआरओ बीएलओ के जरिए संबंधित मतदाता का परीक्षण करवा रहे हैं। संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी कर सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है। अब तक जिले में 3228 फार्म-7 मिले हैं। 21फरवरी को फाइनल मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
संदीप सिंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी

यहीं तो वोट चोरी है
फार्म 7 के दुरुपयोग पर विपक्षी दल कांग्रेस का रूख आक्रामक है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी के मुताबिक एसआईआर प्रक्रिया दूषित है। चुन-चुन कर कांग्रेस से जुड़े मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हंै। राहुल गांधी जिस वोट चोरी की बात कर रहे है, वह यहीं है। कांग्रेस मामलों पर निगाह रखे हैं। संगठन में जानकारियां भेजी जा रही हैं। इससे कैसे निपटना है, आने वाले वक्त में वहीं से रणनीति तय होगी।

कांग्रेस में न नेता ना नीति बस आरोप लगाने के आदी: कांग्रेस में न नेता है और ना नीति है, बस उसके नेता आरोप लगाने के आदी है। फॉर्म-7 आपत्ति का है। जहां हमें लग रहा है कि सही वोटर नहीं है वहां आपत्ति लगा रहे हैं। निर्वाचन आयोग इन आपत्तियों का निराकरण अपने नियम कानून से कर रहा है।
संजय अग्रवाल, नगर अध्यक्ष, भाजपा

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