संत जैसा जीवन जी रहे है खरगोश

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। अभ्युदयपुरम जैन गुरुकुल के श्री कल्याण मंदिर नवग्रह 45 जिनालय महातीर्थ में दोनों उपाश्रय के मध्य बने गणधर गौतम गुरु मंदिर के पीछे गुरुकुल के बच्चे एवं यात्रालुओं के निर्दोष मनोरंजन हेतु खरगोश घर – रैबिट होम बनाया गया है। यहां रह रहे पूरे 25 खरगोश संत-सा जीवन जी रहे है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
गुरुकुल संस्थापक डॉ. आचार्य मुक्तिसागरसूरीश्वरजी महाराज ने बताया कि जीवदया का यह सर्वश्रेष्ठ कार्य है। हम साधुओं के जो पांच महाव्रत और छ_ा रात्रि भोजन विरमण व्रत होता है, उनका पूर्णतया पालन प्राय: इन सभी 25 खरगोशों में हो रहा है। क्यूंकि ये सभी नर प्राणी है, एक भी फिमेल नहीं, अत: ब्रह्मचर्य तो पलता ही है, ये किसी जीव की हिंसा भी नहीं करते, न झूठ बोलना, न चोरी करना और ना ही कोई परिग्रह रखना। सूर्यास्त पूर्व ही इनका खाना भी हो जाता है, रात्रि में सिर्फ पीने का पानी रहता है, सुबह शाम नवकार मंत्र श्रवण करते है।
यूं मिथ्यात्व और अविरति सिवाय लगभग सभी पापों से रहित मस्त जीवन जी रहे है। ऐसे प्राणी ही सद्गति गामी हो सकते है। जीवदया प्रेमी इनकी भक्ति का लाभ ले सकते है।