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स्वागत में सजी रंगोली, सड़कों पर संस्कृति के रंग

रामघाट पर पूजन के बाद निकली कलश यात्रा, तय समय से देरी से निकली,

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तीन-तीन कलाकारों की टीम ने यात्रा मार्ग पर बनाई रंगोली

अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। अखिल भारतीय कालिदास समारोह के पूर्वरंग में सोमवार सुबह रामघाट से पूजन के बाद कलश यात्रा निकली। स्वागत में सड़कों पर रंगोली सजी तो यात्रा में विभिन्न संस्कृतियों के रंग भी दिखाई दिए। यात्रा में शामिल रथ में बच्चे विभिन्न वेशभूषा में सज-धजकर बैठे थे। इससे पहले कालिदास अकादमी में तैयारियां चलती रहीं। यात्रा को देखते हुए जगह-जगह पुलिसकर्मी तैनात नजर आए।

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दरअसल, देव प्रबोधिनी एकादशी को 12 नवंबर से अखिल भारतीय कालिदास समारोह की शुरुआत होगी। शुभारंभ उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ करेंगे। उनके साथ राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उपस्थित रहेंगे। 18 नवंबर तक चलने वाले इस आयोजन के पूर्वरंग में सोमवार सुबह रामघाट से कलश यात्रा निकली।

यात्रा का समय सुबह 9 बजे का था लेकिन वह लेट हो गई। स्वागत के लिए यात्रा मार्गों पर रंगोली सजाई गई। इसके बाद कलश यात्रा विभिन्न मार्गों से होकर कालिदास अकादमी पहुंची जहां बटुकों की उपस्थिति में मंगल कलश की स्थापना की गई। आयोजन की अगली कड़ी में शाम 6:30 बजे नांदी पाठ होगा। गायिका मैथिली ठाकुर भक्ति एवं लोक गायन और इंदौर के दिव्येश कुमार गोस्वामी पखावज वादन, मधुकर शिघये शंख वादन एवं गजानन वारूडे शहनाई वादन करेंगे।

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कालिदास के ग्रंथों पर झांकियां

कलश यात्रा में झांकियां भी शामिल थीं। खास बात यह थी कि झांकियां महाकवि कालिदास के ग्रंथों पर आधारित थीं। इसके अलावा मां अहिल्या की झांकी भी आकर्षण का केंद्र रही। इसमें एक बालिका मां अहिल्या की वेशभूषा में गोद में शिवलिंग लेकर बैठी थीं। इसकी सभी ने सराहना की।

रेड कारपेट बिछा, रंगोली सजी

कालिदास अकादमी में सुबह से ही गहमागहमी रही। पुलिसकर्मी सुबह से ही अकादमी पहुंच गए। अकादमी परिसर में महाकवि कालिदास की प्रतिमा के समक्ष बड़ी सी रंगोली बनाई गई। अकादमी में अंदर जाने के लिए रेड कारपेट बिछाया गया। पेड़ों पर रंगबिरंगी झंडियां बांधी गई और डोम भी तैयार हो गया। इसके बाद कलश स्थापना के लिए अतिथियों का आना भी शुरू हो गया।

बैरिकेडिंग कर पुलिस की तैनाती

आयोजन को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने प्रेस क्लब भवन के आगे बैरिकेडिंग कर दी। हालांकि, कलश यात्रा के आगमन से पहले तक वाहनों का आवागमन जारी सुगम तरीके से जारी रहा। पुलिसकर्मियों के साथ ट्रैफिक जवान ने भी यातायात का जिम्मा संभाला और अलग-अलग पाइंट्स पर तैनात रहकर ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाए रखा।

ई-रिक्शा से चली रंगोली टीम

कलश यात्रा जिस भी मार्ग से गुजरी वहां पहले से ही स्वागत में सड़कों पर आकर्षक रंगोली बनाई गई। तीन-तीन युवकों की टीम ई-रिक्शा में बैठकर पूरे यात्रा मार्ग पर रंगोली बनाती रही। हालांकि, अधिकांश जगह पर उनकी मेहनत पर वाहन चालकों ने पानी फेर दिया। रंगोली पर से वाहन निकलने के कारण रंग फैल गया और वह मिट गई।

कल उपराष्ट्रपति करेंगे शुभारंभ, 1 घंटा रुकेंगे

सुरक्षा में 1500 पुलिसकर्मी तैनात चप्पे-चप्पे पर नजर

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ मंगलवार को आएंगे। वे दोपहर 3:30 बजे अभा कालिदास समारोह का शुभारंभ कर उद्बोधन देंगे। अध्यक्षता राज्यपाल मंगुभाई पटेल करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उपस्थित रहेंगे। वे करीब एक घंटे रहेंगे और शाम 4:20 बजे इंदौर के लिए रवाना हो जाएंगे। उपराष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए 1500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसमें से 1 हजार पुलिसकर्मी भोपाल से आए हैं। शहर भी हाईअलर्ट पर है। होटल, लॉज, धर्मशाला के साथ सार्वजनिक स्थानों पर चैकिंग की जा रही है। 92 हाईराइज बिल्डिंग पर स्नाइपर तैनात रहेंगे। इसके अलावा ४ ड्रोन से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जाएगी। उपराष्ट्रपति के काफिले में उनके बुलेटप्रूफ वाहन सहित 18 वाहन शामिल रहेंगे।

कब-क्या कार्यक्रम

सारस्वत आयोजन- अभिरंग नाट्यगृह, कालिदास अकादमी 13 नवंबर

राष्ट्रीय संगोष्ठी – प्रथम सत्र – सुबह 10 बजे
विषय- महाकवि कालिदास के साहित्य में पंचमहाभूत विमर्श- महाकाव्यों पर एकाग्र

राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी – प्रथम सत्र – दोपहर 2 बजे

(कालिदास समिति, विक्रम विश्वविद्यालय)

पं. सूर्यनारायण व्यास व्याख्यानमाला – शाम 5 बजे

विषय- कालिदास का समरस समाज

14 नवंबर राष्ट्रीय संगोष्ठी – द्वितीय सत्र – सुबह 10 बजे

विषय- महाकवि कालिदास के साहित्य में पंचमहाभूत विमर्श- नाटकों पर एकाग्र

राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी – द्वितीय सत्र – दोपहर 2:30 बजे

(कालिदास समिति, विक्रम विश्वविद्यालय)
पं. सूर्यनारायण व्यास व्याख्यानमाला – शाम 5 बजे

विषय- कुटुंब व्यवस्था : कालिदास का दृष्टिकोण

15 नवंबर राष्ट्रीय संगोष्ठी – तृतीय सत्र – सुबह 10 बजे

विषय- महाकवि कालिदास के साहित्य में पंचमहाभूत विमर्श- खंडकाव्यों पर एकाग्र
राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी – तृतीय सत्र – दोपहर 2 बजे

(विक्रम-कालिदास पुरस्कार चयनित शोध पत्र कालिदास समिति, विक्रम विश्वविद्यालय)
महाकवि कालिदास व्याख्यानमाला- शाम 5 बजे

विषय- कालिदास का पर्यावरण चिंतन

सांस्कृतिक कार्यक्रम – कालिदास अकादमी परिसर – प्रतिदिन शाम 6:30 बजे से 12 नवंबर

संस्कृत नाटक- कालिदासमहोत्साहम् – निर्देशन हिमांशु द्विवेदी (ग्वालियर)
प्रस्तुति- कालिदास अकादमी

13 नवंबर रंगनृत्य, मेघदूतम् – राजश्री शिर्के (मुंबई)

कथक प्रस्तुति- रेणुका देशपांडे एवं दीक्षा सोनवलकर (उज्जैन)

14 नवंबर हिंदी नाटक- वसंतसेना – निर्देशक डॉ. प्रसाद भिड़े (भोपाल)

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