तौबा कर ली, किसी ने नहीं चखी अहमदाबाद के मावे से बनी बर्फी

भोपाल से रिपोर्ट आने के बाद नष्ट कर देंगे मावा
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अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। विद्यापति कॉलोनी में रहने वाले प्रवीण जैन ने अहमदाबाद की फर्म से मिलावटी मावा मंगवाया था। तीन सौ किलो मावा जब्त कर लिया गया। प्रवीण से पूछा गया कि इसकी बर्फी कैसे बनेगी? उसने पूरी विधि बता दी। पुलिस और खाद्य विभाग ने देवासगेट थाने पर संसाधन जुटाए और बर्फी तैयार हो गई। मजेदार बात यह है कि किसी ने भी चख कर नहीं देखी। सभी ने तौबा कर ली।
खाद्य अधिकारी बसंत शर्मा ने बताया कि त्योहार के सीजन में मिलावटी मावे की आवक बढ़ जाती है। यह मावा सेहत के लिए खतरनाक होता है। विभाग के मुखबिरों को मावा जब्ती के लिए लगाया जाता है। मुखबिर की ही सूचना पर अहमदाबाद सिटी लिंक बस की डिक्की में रखा 300 किलो मावा जब्त किया गया।
जिज्ञासा थी, बर्फी बनाते कैसे हैं?
मावा जब्ती के बाद सभी के मन में जिज्ञासा थी कि आखिर इस मीठे मावे से कतली या बर्फी बनाते कैसे हैं? मावे के सौदागर प्रवीण से पूछा गया। पुलिस ने कढ़ाई और गैस भट्टी का इंतजाम किया। मावे को निश्चित ताप पर घोटा गया। कुछ ही देर में वह गाढ़ा हो गया। टे्र में जमते ही बर्फी तैयार हो गई।
वहां मौजूद पुलिस कर्मियों और खाद्य विभाग की टीम के सदस्यों से कहा गया कि वे चखें। किसी ने नहीं चखा। किसी ने कहा, डिसेंट्री हो जाएगी तो किसी का तर्क था कि हाजमा बिगड़ जाएगा। बहरहाल, खाद्य विभाग की टीम ने मावे के सभी कट्टे उठाए और अपने कार्यालय भेज दिए। सैंपल भोपाल भेज दिए हैं।
वहां से रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी। खाद्य अधिकारी ने लोगों से अनुरोध किया है यदि उनकी जानकारी में कोई मिलावटी मावे का निर्माण कर रहा हो तो सूचना दे। सूचना प्रदाता का नाम गोपनीय रखा जाएगा।









