नानाखेड़ा-नीलगंगा फोरलेन: विकास के लिए आगे आए रहवासी, अपने हाथों से तोड़ रहे आशियाने

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। नानाखेड़ा बस स्टैंड से शांति नगर होते हुए नीलगंगा चौराहे तक फोरलेन के लिए चौड़ीकरण का काम शुरू हो गया है। इस क्षेत्र में नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों को केवल सड़क नपती कर मकानों पर निशान लगाने पड़े, आगे का काम खुद रहवासियों ने ही कर दिया। किसी एक भी मकान पर नगर निगम ने कोई तोडफ़ोड़ नहीं की, इसके बावजूद मार्ग के अधिकांश मकानों को तोडऩे का काम शुरू हो गया है। लोग खुश होकर खुद ही अपने आशियाने तोडऩे लगे हैं।
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लगभग 2.65 किलोमीटर लंबे नानाखेड़ा-शांतिनगर-नीलगंगा मार्ग को 18 मीटर चौड़ा किया जाना है। फिलहाल इस मार्ग की चौड़ाई कहीं 9 मीटर व कहीं 12 मीटर तक है। रजिस्ट्री व पट्टे वाले मिलाकर लगभग 250 मकान प्रभावित हो रहे हैं। इस मार्ग पर अधिकांश मकान लगभग 10 फीट तक टूटेंगे।
वैकल्पिक व्यवस्था तय नहीं
नानाखेड़ा-शांतिनगर रोड पर नगर निगम के इंजीनियर्स ने रोड की नपती करने के बाद सेंट्रल लाइन डालने का काम पूरा कर लिया है। अधिकांश मकानों पर भी लाल निशान लगा दिए गए हैं लेकिन फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि इस मार्ग के ऐसे कितने मकान होंगे जो पूरे ही सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे है। मार्ग पर लगभग आधे मकान ऐसे है जिन्हें पूर्व के समय में पट्टा देकर यहां बसाया गया था। पट्टे वाले मकान यदि पूरे जाएंगे तो प्रभावित परिवारों को कहां बसाया जाएगा, यह भी फिलहाल तय नहीं हो पाया है।
मकान तोड़ते हुए भी खुश है लोग
ये काम तो बहुत पहले ही हो जाना था, खैर देर आए दुरुस्त आए। सड़क चौड़ीकरण होने के बाद यहां तेजी से विकास हो सकेगा, आने वाला समय इस क्षेत्र के लिए सुनहरा होने वाला है।
– तरुण खत्री
हमने पांच साल पहले मकान पक्का बनाया था, तभी अंदेशा था कि आने वाले समय में सड़क चौड़ीकरण का काम होगा। मकान तभी पीछे हटकर बनाया, आज उसका लाभ मिलेगा।
– ओमप्रकाश राठौर
ईंट भट्टों से संवरते बाजार तक का सफर देखने को मिल रहा है। जब यहां रहने आए थे तब केवल कुछ मकान और ईंट भट्टे ही थे। आज भले ही खुद अपने मकान तोडऩे पड़ रहे हैं लेकिन इस बात की खुशी है कि हमारी आने वाली पीढिय़ों को इसका लाभ मिलेगा। – रमेश राठौर
स्टेशन से सीधे नानाखेड़ा बस स्टैंड तक जाने वाली चौड़ी सड़क, निश्चित रूप से नीलगंगा-शांति नगर क्षेत्र के दिन बदलने वाले है। आवागमन बढ़ेगा तो व्यवसाय भी बढ़ेगा जिसका सीधा लाभ हम रहवासियों को मिलेगा इसीलिए आज खुद अपने मकान तोड़ रहे है। – विजय परिहार
एफएआर या मुआवजा, इसकी गणना बाकी: नगर निगम की तय योजना के मुताबिक सड़क चौड़ीकरण में ऐसे मकान जो कुछ फीट तक जद में आ रहे है, उन्हें एफएआर या टीडीआर दिए जाने का प्रावधान है। रजिस्ट्री वाले मकान यदि पूरे जद में आएंगे तो रहवासियों को मुआवजा देंगे। पट्टे वाले मकान यदि पूरे जा रहे होंगे तो उनके संबंध में नीति तय होना बाकी है। फिलहाल तो हम केवल मकानों पर निशान लगाकर सर्वे पूरा करने का काम कर रहे हंै।
– लक्ष्मण प्रसाद शाह
भवन अधिकारी, नगर निगम









