इंदौर में शुरू हुई सर्विस, पहले हफ्ते फ्री में सफर

मध्य प्रदेश को पहली मेट्रो ट्रेन की सौगात मिल गई. दरअसल, मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर में शनिवार (31 मई) को मेट्रो रेल सेवा की शुरुआत हुई. भोपाल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ने इंदौर में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के पहले फेज के कमर्शियल ऑपरेशन का आगाज किया. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मध्य प्रदेश को आज पहली मेट्रो सुविधा मिली है. इंदौर स्वच्छता के लिए दुनिया भर में अपनी पहचान पहले ही बना चुका है. अब इंदौर की पहचान उसकी मेट्रो रेल से भी बनने जा रही है.’’
अधिकारियों ने बताया कि इंदौर में मेट्रो रेल सर्विस के पहले फेज के तहत करीब 6 किलोमीटर लंबे सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर कमर्शियल ऑपरेशन शुरू किया गया है. इस फेज के निर्माण में 1,520 करोड़ रुपये की लागत आई है. अधिकारियों के मुताबिक मेट्रो रेल सेवा के शुरुआती चरण में 5 स्टेशन पड़ रहे हैं जिन्हें महिलाओं के सम्मान में क्रमश: देवी अहिल्या बाई होलकर टर्मिनल, महारानी लक्ष्मी बाई स्टेशन, रानी अवंती बाई लोधी स्टेशन, रानी दुर्गावती स्टेशन और वीरांगना झलकारी बाई स्टेशन नाम दिए गए हैं
मेट्रो रेल सर्विस वाला देश का 24वां शहर बना इंदौर
इंदौर में मेट्रो रेल सेवा का कमर्शियल ऑपरेशन शुरू किए जाने के मौके पर जब यह गाड़ी देवी अहिल्या बाई होलकर टर्मिनल से अपने पहले फेरे पर रवाना हुई, तो इसमें केवल महिला पैसेंजर्स को जगह दी गई जिनमें सफाईकर्मी भी शामिल थीं. इस मौके पर इंदौर में केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने कहा,‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने मेट्रो रेल सर्विस के रूप में इंदौर को बड़ी सौगात दी है. इंदौर, देश का 24वां शहर है जहां हमने मेट्रो रेल सर्विस शुरू की है. इस सेवा के शुरू होने से इंदौर के विकास में नया अध्याय जुड़ गया है.’’
मध्य प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा,‘‘इंदौर ने लोक परिवहन साधनों के विकास क्रम में बैलगाड़ियों, तांगों और बसों को देखा है. अब शहर में मेट्रो रेल सर्विस की शुरुआत हो गई है. यह एक ऐतिहासिक पल है.’’
14 सितंबर 2019 को शुरू हुआ था निर्माण
शहर में मेट्रो रेल सेवा के करीब 6 किलोमीटर के जिस सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर कमर्शियल ऑपरेशनन शुरू किया गया है, उसके निर्माण की नींव 14 सितंबर 2019 को रखी गई थी.
इस कॉरिडोर पर मेट्रो रेल का ट्रायल रन सितंबर 2023 में किया गया था. अधिकारियों के मुताबिक शहर में मेट्रो रेल के स्टेशन इस तरह बनाए गए हैं कि इनके जरिये 6 डिब्बों की रेल चलाई जा सकती है, हालांकि शुरुआत में 3 डिब्बों की रेल चलाई जा रही जिनमें लगभग 980 पैसेंजर्स सफर कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि इंदौर में कुल 31.32 किलोमीटर लंब मेट्रो रेल कॉरिडोर बनाया जाना है जिसकी प्रस्तावित लागत 7,500.80 करोड़ रुपये है. अधिकारियों ने बताया कि 35 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहर में मेट्रो रेल के पूरे गलियारे पर कुल 28 स्टेशन होंगे.









