गर्मी के पहले खाली करना पड़ रहा है शिप्रा नदी को

नदी में कान्ह का दूषित पानी मिलने के कारण त्रिवेणी से लेकर सिद्धनाथ तक पानी प्रदूषित
- 0 त्रिवेणी स्टापडेम पर पानी की मात्रा
- 06 फीट गऊघाट पर पानी बचा
- 10 प्लेटें छोटे पुल स्टापडेम की खोलीं
अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:शिप्रा नदी में कान्ह का दूषित पानी लगातार मिलने के कारण त्रिवेणी से लेकर सिद्धनाथ तक नदी का पानी आचमन, स्नान, पूजन के लायक नहीं बचा है, स्थिति यह है कि नदी में रहने वाले जलीय जीवों का जीवन भी संकट में है वहीं दूसरी ओर नए शहर की पेयजल सप्लाय व्यवस्था तक बदलना पड़ गई है। अब पीएचई द्वारा नदी खाली कर दूषित पानी आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। अफसरों का दावा है कि कान्ह का दूषित पानी बहाकर पाइप लाइन से नर्मदा का पानी लाकर नदी में साफ पानी स्टोर करेंगे।
जल संसाधन विभाग के अफसरों की अनदेखी और मनमानी का नतीजा पूरे शहर को भुगतना पड़ रहा है। कान्ह नदी के दूषित पानी को रोकने या उसे कान्ह डायवर्शन से बहाने में असक्षमता दिखाने का परिणाम यह है कि त्रिवेणी से लेकर कालियादेह महल तक शिप्रा नदी में कान्ह का दूषित पानी स्टोर हो चुका है। वर्तमान स्थिति यह है कि पवित्र शिप्रा नदी का पानी स्नान, पूजन और आचमन के लायक भी नहीं बचा है। यह बात अलग है कि देश भर से आने वाले श्रद्धालु अब भी इसी पानी में स्नान करने के बाद भगवान को यही कान्ह का पानी अभिषेक के रूप में चढ़ाकर पूजन अर्चन कर रहे हैं, जबकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा शिप्रा नदी के पानी को केमिकल युक्त बताकर इसमें जलीय जीवों के लिये घातक बताया गया है।
फिर नदी खाली करो अभियान
जनवरी से मार्च के बीच यह दूसरा अवसर है जब कान्ह नदी के दूषित पानी को बहाने के बाद नदी खाली कर उसमें नर्मदा का पानी स्टोर करने की जुगाड़ में पीएचई विभाग लगा है, इस प्रयास में इस बात की कोई गारंटी नहीं कि कान्ह का पानी कितने दिनों बाद एक बार फिर शिप्रा नदी में मिलकर साफ पानी को दूषित कर देगा। पीएचई से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार की स्थिति में त्रिवेणी स्टापडेम पर पानी की मात्रा शून्य हो चुकी है। गऊघाट स्टापडेम पर पानी का लेवल 6 फीट बचा है जबकि रामघाट के पास स्थित छोटे पुल पर बने स्टापडेम की 10 प्लेटें खोलकर कान्ह के दूषित पानी को आगे बहाया जा रहा है।
गऊघाट भरेंगे फिर रामघाट तक लाएंगे नर्मदा का पानी
पीएचई से मिली जानकारी के मुताबिक नर्मदा विकास प्राधिकरण को पानी के लिये पहले ही पत्र लिखा जा चुका है। फिलहाल वहां शटडाऊन चल रहा है। इस अवधि में शिप्रा नदी को खाली कर लिया जायेगा। नर्मदा के पानी को पाइप लाइन से त्रिवेणी के अप स्ट्रीम में छोड़ा जायेगा। इस पानी से पहले गऊघाट स्टापडेम को पूरी क्षमता से भरने के बाद इस पानी को पीने में उपयोग में लेने के साथ ही रामघाट तक स्टोर करेंगे।









