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शिव नवरात्र…राजाधिराज महाकाल का होलकर स्वरूप में दिव्य शृंगार

रजत मुकुट और मुंडमाला से निखरा बाबा का स्वरूप

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि उत्सव के छठे दिन बुधवार को भगवान महाकाल ने होलकर स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए। राजाधिराज का यह दिव्य रूप देख मंदिर परिसर भी हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। सुबह से ही मंदिर में उत्सव का उत्साह रहा जहां परंपराओं के अनुसार बाबा का विशेष विधि-विधान से पूजन किया गया।

पर्व की परंपरा के अनुसार सुबह सर्वप्रथम मंदिर परिसर स्थित कोटितीर्थ कुंड पर श्री कोटेश्वर महादेव का पूजन व अभिषेक कर आरती की गई। इसके बाद गर्भगृह में मुख्य पुजारी पं. घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व में 11 ब्राह्मणों द्वारा रूद्रपाठ किया गया और भगवान का पंचामृत अभिषेक किया।

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रजत मुकुट और नवीन वस्त्रों से दिव्य स्वरूप
दोपहर 3 बजे की संध्या पूजन के बाद बाबा महाकाल के विशेष शृंगार किया गया। होलकर राजवंश की परंपरा के अनुरूप भगवान को रजत मुकुट और चंद्रमा धारण करवाया गया। साथ ही नवीन वस्त्र और विशेष मुंडमाला भी धारण करवाए गए। शाम को जब पट खुले तो बाबा का यह राजसी स्वरूप देख भक्त भावविभोर हो गए।

आगामी दिनों में इन स्वरूपों में देंगे दर्शन
महाशिवरात्रि तक बाबा महाकाल प्रतिदिन अलग-अलग स्वरूपों में भक्तों को दर्शन देंगे। 12 फरवरी को भगवान मनमहेश के रूप में विराजेंगे, जबकि 13 फरवरी को उमा महेश और 14 फरवरी को शिव तांडव स्वरूप में शृंगार किया जाएगा। उत्सव के अंतिम दिन 15 फरवरी को भगवान को सप्तधान का मुखौटा अर्पित किया जाएगा जिसके बाद महाशिवरात्रि का मुख्य पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा।

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