एसआईआर: 50 हजार मतदाताओं की मैपिंग नहीं, इन्हें देना होंगे दस्तावेज

विधानसभावार एईआरओ लेंगे डाक्यूमेंट
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (एसआईआर) में मैपिंग की प्रक्रिया उज्जैन में पूरी हो गई है।15.96 लाख वोटर में से 50.76 हजार की मैपिंग नहीं हो पाई है। इनमें से सबसे अधिक मतदाता उज्जैन दक्षिण में हैं। इन्हें असिस्टेंट इलेक्शन रिटर्निंग ऑफिसर (एईआरओ) के समक्ष अपनी पहचान के दस्तावेज देने होंगे। 6 फरवरी तक वह यह काम कर सकेंगे।
उज्जैन जिले की सात विधानसभा क्षेत्रों में एसआईआर का काम 4 नवंबर से शुरू हुआ था, इसमें मतदाताओं की मैपिंग 4 दिसंबर तक होनी थी, ेकिन भारत निर्वाचन आयोग ने यह तारीख 11 दिसंबर तक बढ़ा दी थी। हालांकि जिले में मैपिंग का काम 30 नवंबर तक ही करीब-करीब पूरा हो गया था। मैपिंग में 50.76 हजार मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाई है, अर्थात इनके 2003 के निर्वाचन का रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है। ऐसे मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे और उनसे आवश्यक दस्तावेज मांगे जाएंगे। 6 फरवरी तक यह दिए जा सकेंगे।
अक्षरविश्व नॉलेज: मैपिंग से छूटे मतदाता नाम जुड़वाने के लिए क्या करें
मैपिंग से छूटे मतदाता को एईआरओ नोटिस जारी करेंगे। यह नोटिस तीन वर्ग में होंगे। पहला वर्ग 1 जुलाई 1987 के पूर्व वाले मतदाताओं का होगा। इनको निर्वाचन आयोग द्वारा तय 12 दस्तावेज में से 1 देना होगा। इसी तरह दूसरा वर्ग 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्म लेने वाले मतदाताओं का रहेगा। इनको दो दस्तावेज देने होंगे। एक उनसे जुड़ा होगा। इसमें उनकी जन्मतिथि और जन्मस्थान प्रमाणित होना चाहिए। दूसरा उनके माता-पिता से जुड़ा होगा, जिससे दोनों की जन्मतिथि और जन्मस्थान प्रमाणित होना जरूरी होंगे। । 2 दिसंबर 2004 से 2025 के बीच वाले मतदाताओं को तीन दस्तावेज देने होंगे। पहले दो मतदाता से जुड़े होंगे। इसमें जन्मतिथि, जन्मस्थान की पुष्टि होगी। तीसरा दस्तावेज उनके माता-पिता के जन्मस्थान और जन्मतारीख को प्रमाणित करने वाला होगा।
6 फरवरी तक चलेगी प्रक्रिया: नोटिस मिलने के बाद मतदाताओं को एईआरओ के पास जाना होगा। यह विधानसभाा क्षेत्र में तय जगह पर मिलेंगे। यह रोजाना सुबह 11 से 5 बजे तक बैठेंगे और दस्तावेज प्राप्त कर उसे प्रमाणित करेंगे। दस्तावेज सही होने पर मतदाता का नाम फाइनल लिस्ट में शामिल कर लिया जाएगा।
कौन से दस्तावेज लगेंगे
केंद्र-राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रम के नियमित कर्मचारी या पेंशनर का पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश।
भारत में किसी सरकारी, स्थानीय निकाय, बैंक, एलआईसी, सार्वजनिक उपक्रम द्वारा 1 जुलाई 1987 के पूर्व जारी कोई पहचान प्रमाणपत्र
सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाणपत्र।
पासपोर्ट।
किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड, विवि से जारी मार्कशीट।
सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र।
वन अधिकार प्रमाण पत्र।
सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी, एससी,एसटी या अन्य जाति प्रमाणपत्र ।
राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर।
राज्य या स्थानीय निकाय द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर।
सरकारी संस्था द्वारा जारी भूमि-मकान आवंटन पत्र
आधार कार्ड (निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार)
मैपिंग का काम पूरा दस्तावेज मांगेंगे
उज्जैन जिले में मैपिंग का काम पूरा हो गया है। 50.76 हजार मतदाताओं का 2003 का रिकॉर्ड नहीं मिला है। इनको एईआरओ नोटिस जारी करेंगे और दस्तावेज मांगेंगे। यह मतदाता निर्वाचन आयोग द्वारा तय दस्तावेज एईआरओ के सामने प्रस्तुत कर अपने नाम शामिल करवा सकेंगे। आयु के हिसाब से मतदाताओं का वर्गीकरण किया गया है। एईआरओ के बैठने की जगह जल्दी ही तय कर दी जाएगी। उज्जैन दक्षिण में 6 और उज्जैन उत्तर में 4 एईआरओ बैठेंगे। प्रत्येक के पास करीब-करीब 50 बूथ की जिम्मेदारी रहेगी। फाइनल मतदाता सूची का प्रकाशन 7 फरवरी को किया जाएगा।
संदीपसिंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी
कितने मतदाताओं की मैपिंग नहीं
| विधानसभा | मतदाता | एईआरओ |
|---|---|---|
| नागदा-खाचरौद | 3524 | 4 |
| महिदपुर | 1591 | 3 |
| तराना | 1632 | 3 |
| घट्टिया | 1923 | 3 |
| बडऩगर | 768 | 3 |
| उज्जैन उत्तर | 13997 | 4 |
| उज्जैन दक्षिण | 27365 | 6 |









