Advertisement

बेटे ने किया खाना देने से मना, बेबस पिता ने खा लिया जहर, इलाज जारी

पिता तड़पते रहे, बेटी संभालती रही

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Advertisement

बेटियां लेकर पहुंचीं चरक अस्पताल

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। जिस पिता की अंगुली पकडक़र बेटे ने चलना सीखा, दुनिया का सामना करना सीखा, उम्र के आखिरी पड़ाव पर उसी बेटे ने पिता को इतना मजबूर कर दिया कि बेबस पिता के सामने कोई चारा नहीं बचा और उन्होंने जहर खा लिया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें उज्जैन रैफर किया गया जहां चरक अस्पताल में उनका इलाज जारी है।

Advertisement

दरअसल, 65 वर्षीय रामचंद्र पिता मांगीलाल सोलंकी माकड़ौन में रहते हैं। पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है। बेटा रोडसिंह सोलंकी उन्हें अपने साथ नहीं रखता इसलिए वह अकेले रहते हैं। गुरुवार रात रामचंद्र ने बेटे रोडसिंह से खाना मांगा लेकिन बेटे ने इंकार कर दिया। इससे तंग आकर रामचंद्र ने जहर खा लिया। तबीयत बिगडऩे पर उन्हें माकड़ौन के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां से उज्जैन रैफर कर दिया। सुबह बेटी कृष्णा डाबी व परिवार के अन्य सदस्य उन्हें लेकर चरक अस्पताल पहुंचे जहां उनका इलाज किया जा रहा है। कृष्णा डाबी ने बताया कि उनका भाई रोडसिंह अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ अलग रहता है। वह पिता को अपने साथ नहीं रखता और ना ही समय पर खाना देता है। बीती रात भी उसने खाना नहीं दिया जिससे पिता ने जहर खा लिया। फिलहाल उनका इलाज जारी है।

पिता तड़पते रहे, बेटी संभालती रही

Advertisement

जब रामचंद्र सोलंकी को अस्पताल लाया गया तो वह बेड पर तड़पते रहे, कभी उठते तो कभी गिर जाते, पास ही बेटी कृष्णा और अन्य महिलाएं बैठी थीं जो पिता को संभाल रही थी।

Related Articles