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सोनू निगम की सुरीली शाम और 20 देशों की पौराणिक फिल्में दिखेंगी विक्रम उत्सव में

मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश- नई पीढ़ी जाने सम्राट विक्रमादित्य का शौर्य ; 15 फरवरी से शुभारंभ

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उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सम्राट विक्रमादित्य के साहस और सृजन ने भारतीय संस्कृति को समृद्ध बनाने में युगांतरकारी योगदान दिया है। नई पीढ़ी को उनके व्यक्तित्व के विविध आयामों से परिचित कराना हमारी सांस्कृतिक निरंतरता के लिए अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने समत्व भवन में विक्रमोत्सव-2026 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय गरिमा और भव्यता के साथ कराया जाए।

सोनू निगम की प्रस्तुति और गौरव दिवस
19 मार्च को वर्ष प्रतिपदा और उज्जयिनी गौरव दिवस पर शिप्रा तट पर सुप्रसिद्ध पाश्र्व गायक सोनू निगम प्रस्तुति देंगे। इसी दिन सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण समारोह के साथ विक्रम पंचांग का लोकार्पण और आतिशबाजी भी की जाएगी।

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फिल्में और वैज्ञानिकों होगा समागम

विक्रम उत्सव के दौरान 13 से 17 मार्च तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में 20 से अधिक देशों की पौराणिक फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आयोजन में केवल कला ही नहीं, बल्कि विज्ञान को भी जोड़ा जाए। इसके लिए इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक और विज्ञान कॉलेजों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। विक्रमोत्सव में कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत विशेष कृषि प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें प्राकृतिक खेती, नरवाई प्र्रबंधन और दुग्ध उत्पादक पशुओं की प्रतियोगिताओं जैसे अभिनव कार्यक्रमों को शामिल किया गया है। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला और उज्जैन एनआईसी कक्ष से सांसद, महापौर एवं वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।

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मुख्य आयोजन

15 फरवरी: शिवार्चन के साथ शुभारंभ, प्रीतम एवं बैंड की शिवोस्हम प्रस्तुति।

16 से 25 फरवरी: राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के विक्रम नाट्य समारोह।

26 से 28 फरवरी: अंतरराष्ट्रीय इतिहास समागम एवं शोध संगोष्ठी।

02 मार्च: अखिल भारतीय कवि सम्मेलन।

10 से 12 मार्च: संगीत के उद्भव पर अनहद वैचारिक समागम।

18 मार्च: अनूठी वेद अंताक्षरी का आयोजन।

19 मार्च: गुड़ी पड़वा पर रामघाट पर सूर्योपासना और मुख्य समारोह।

प्रदर्शनी, व्यापार मेला विशेष आकर्षण

प्रदर्शनी: विक्रमादित्य और अयोध्या, अस्त्र-शस्त्र और 84 महादेव पर केंद्रित प्रदर्शनी।

व्यापार: विशाल विक्रम व्यापार मेला का आयोजन।

शिक्षा: स्कूलों और कॉलेजों में सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताएं।

विस्तार: विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों के प्रमुख नगरों में भी होगा।

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